मोहब्बत हमारी भी, बहुत असर रखती है : लालू यादव

 पटना : राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने खास अंदाज में मंगलवार को एक बार फिर अपने विरोधियों पर निशाना साधा है।
पूर्व रेल मंत्री लालू यादव के आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर शायराना अंदाज में ट्वीट कर कहा गया, ‘मुझे अभी किसी ने याद किया क्या? बहुत हिचकी आ रही है। मोहब्बत हमारी भी, बहुत असर रखती है, बहुत याद आयेंगे, जरा भूल के तो देखो।’ इससे पूर्व शनिवार को भी लालू यादव ने प्याज की आसमान छूती कीमत को लेकर विरोधियों पर तंज कसते हुए उसकी तुलना अनार के दाम से की थी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे की कमाई बीते दस सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे का परिचालन अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 फीसदी तक पहुंच चुका है। रेलमंत्री के तौर पर लालू यादव के कार्यकाल में भारतीय रेल मुनाफे में थी। उल्लेखनीय है कि चारा घोटाला मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद झारखंड की राजधानी रांची स्थित होटवार जेल में सजा काट रहे लालू यादव अस्वस्थ होने के कारण पिछले कुछ माह से रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज करा रहे हैं।

लालू 11वीं बार निर्विरोध राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए
पटना : चारा घोटाला मामले में जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव 11वीं बार मंगलवार को पार्टी के निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए।
राजद के राष्ट्रीय सहायक निर्वाचन पदाधिकारी चितरंजन गगन ने यहां बताया कि वर्ष 2019-2022 के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र लालू प्रसाद यादव की ओर से नामांकन पत्र प्राप्त हुआ है। लालू यादव की ओर से चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। गगन ने बताया कि पटना स्थित पार्टी के केंद्रीय कैंप कार्यालय में लालू यादव के पुत्र एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और विधायक तेज प्रताप यादव ने नामांकन पत्र जमा कराया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, विधायक भोला यादव के साथ ही बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। राजद अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के निर्वाचन के लिए भी मंगलवार को ही नामांकन पत्र दाखिल किया गया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद लालू यादव के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा कर दी गयी। राजद के राष्ट्रीय सहायक निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 10 दिसंबर को नवगठित राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों का औपचारिक चुनाव किया जाएगा। इसी दिन पार्टी का खुला अधिवेशन भी होगा। इसके पूर्व 9 दिसंबर को निवर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें राष्ट्रीय परिषद और महाअधिवेशन में पेश किए जाने वाले विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा होगी। राजद के राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की सूची का अंतिम प्रकाशन 1 दिसंबर को कर दिया गया था। इसके साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी थी। राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की सूची पार्टी के दिल्ली स्थित प्रधान कार्यालय, कैंप कार्यालय पटना के साथ ही सभी राज्य इकाइयों के प्रदेश कार्यालयों में प्रकाशित की गयी है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में कई बीमारियों से जूझ रहे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव झारखंड की राजधानी रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती हैं। देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में उन्हें जमानत मिल गयी है लेकिन दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत नहीं मिलने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

लालू की सजा बढ़ाने की अपील सुनवाई के लिए मंजूर
रांची : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें मंगलवार को उस समय और बढ़ गयीं जब चारा घोटाले के देवघर मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने उनकी सजा और बढ़ाने की केंद्रीय जांच ब्यूरो की अपील सुनवाई के लिए मंजूर कर ली।
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए.के गुप्ता व न्यायमूर्ति राजेश कुमार के खंडपीठ ने मंगलवार को सीबीआई की उस अपील याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकृत कर लिया जिसमें लालू प्रसाद सहित सात लोगों की सजा बढ़ाने की मांग की गयी है। सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की ओर से सीबीआई की अपील का जोरदार विरोध किया गया। उनका कहना था कि सीबीआई ने सजा बढ़ाने की याचिका दाखिल करने में 211 दिन की देरी की है इसलिए उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की जाए। उनकी ओर से लालू के ही एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया गया जिसमें कहा गया है कि इतने गंभीर व महत्वपूर्ण मामलों में सीबीआई को समय से याचिका दाखिल करनी चाहिए। इसके अलावा लालू के वकीलों ने तर्क दिया कि सीबीआई द्वारा सजा बढ़ाने की मांग का आधार गलत है क्योंकि सीबीआई अदालत ने इस मामले में कई लोगों को अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई है। सीबीआई ने न्यायालय को बताया कि चारा घोटाले के इस मामले में सभी अभियुक्तों पर एक ही आरोप है इसलिए सजा भी एक होनी चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने याचिका दाखिल करने में हुई देरी को शिथिल कर दिया और सीबीआई की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकृत कर लिया। सीबीआई की विशेष अदालत से इस मामले में आदेश आने के तीन माह के भीतर ही याचिका दाखिल करने का प्रावधान है लेकिन इस मामले में सीबीआई ने समय अवधि के 211 दिन बाद उच्च न्यायालय में सजा बढ़ाने के लिए अपील दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद, डॉ. आर.के राणा, बेक जूलियस, अधीप चंद्र चौधरी, महेश प्रसाद, फूलचंद्र सिंह और सुबीर भट्टाचार्य को साढ़े तीन-तीन साल की सजा सुनाई है जबकि इसी मामले में जगदीश शर्मा को सात साल की कैद की सजा सुनाई है। सीबीआई ने कहा है कि सजा पाने वाले सभी लोग उच्च पदों पर पदस्थापित थे और इन पर उच्चस्तरीय षड्यंत्र रचने का आरोप है। ऐसे में जब मामला साबित हो गया है तो सभी को एक ही तरह की सजा मिलनी चाहिए। सीबीआई ने न्यायालय से अनुरोध किया कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए सभी अभियुक्तों की सजा बढ़ाकर सात वर्ष कर दी जानी चाहिए।

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