अमेरिकी फर्म गोल्डमैन ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान घटा कर 1.6 फीसद किया

नई दिल्ली: अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सचेस ने आज कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था को लेकर अपना अनुमान जाहिर किया, जिसके मुताबिक चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर गिरकर 1.6 फीसद पर आ सकती है। वहीं भारत को लेकर सचेज ने कहा है कि अब तक भारत ने इस बीमारी को लेकर बहुत आक्रामक रुख नहीं अपनाया है, भारत को प्रयासों को बढ़ाने को जरूरत है।

कई आर्थिक शोध रिपोर्ट्स ने यह पहले ही जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी वृद्धि दर के घटकर एक दशक के निचले स्तर आ जाने का अनुमान है, इस समयावधि में जीडीपी वृद्धि दर पांच फीसद रहने का अनुमान है। यह सबसे धीमी दर से वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन और वायरस को लेकर लोगों में बढ़ती चिंता की वजह से मार्च और अगली तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में भारी कमी आ सकती है।

वहीँ 22 मार्च को अपने अनुमान में सचेज ने कहा था कि वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी वृद्धि दर 3.3 फीसद के आसपास रहेगी, 1.6 फीसद की वृद्धि दर 1970, 1980 के दशकों और 2009 की मंदी से भी कम वृद्धि दर को दिखाता है। पहले भी मंदी जैसे हालात बने , लेकिन मौजूदा समय में विकास दर में कमी पहले की मंदी से काफी अलग है। दरअसल अभी कोरोना को लेकर कोई जानकारी नहीं कब तक इसका प्रकोप जारी रहेगा और लोगों में काफी डर का माहौल है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सन्मार्ग एक्सक्लूसिव :आर्थिक पैकेज से हर वर्ग को राहत, न अन्न की कमी, न धन की : ठाकुर

 विशेष संवाददाता, कोलकाता : कोविड-19 संकट के आघात से देश और देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। आगे पढ़ें »

केंद्र और राज्यों को प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के लिए 15 दिन और : सुप्रीम कोर्ट

कोरोना इलाज खर्च पर एससी ने केंद्र से मांगा जवाब नयी दिल्ली : न्यायालय ने कहा कि सभी प्रवासी कामगारों को उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाने आगे पढ़ें »

ऊपर