एक नजर इन बातों पर
पहले दिन विद्यार्थियों ने “फर्स्ट लेंगवेज” की परीक्षा दी
छात्राओं ने बताया प्रश्नपत्र रहा आसान
परीक्षा से पहले नर्वस, बाहर निकले तो चेहरे थे खिले
पेपर रहा सिलेबस आधारित
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : माध्यमिक परीक्षा 2026 की शुरुआत सोमवार से हुई, जिसके साथ ही लाखों छात्रों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव शुरू हो गया। पहले दिन विद्यार्थियों ने “फर्स्ट लेंगवेज” की परीक्षा दी। माध्यमिक परीक्षा को छात्र जीवन की बुनियाद माना जाता है, क्योंकि यही परीक्षा आगे की पढ़ाई, विषय चयन और भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों में स्वाभाविक रूप से हल्की घबराहट और तनाव देखने को मिला, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद अधिकांश परीक्षार्थियों के चेहरे पर राहत और आत्मविश्वास साफ झलकता नजर आया। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किये गये थे।
छात्राओं की प्रतिक्रिया : नर्वस थे, लेकिन परीक्षा अनुभव रहा संतोषजनक
परीक्षा देकर बाहर निकली छात्रा तान्या खातून ने बताया कि हिंदी का पेपर बहुत अच्छा गया। सभी प्रश्न सिलेबस से जुड़े हुए थे और किसी भी सवाल ने उन्हें भ्रमित नहीं किया। वहीं अनुष्का कुमारी ने कहा कि प्रश्नपत्र काफी आसान था, लेकिन यदि थोड़ा और समय मिल जाता तो वह अपने उत्तरों को और बेहतर तरीके से पूरा कर पाती। रागिनी कुमारी ने परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और किसी भी छात्र को अपनी सीट खोजने में कोई परेशानी नहीं हुई। सृष्टि हेला ने भी पेपर को ठीक बताया, हालांकि समय की कमी के कारण उसे पूरा पेपर नहीं लिख पाने का मलाल है। आदर्श हिंदी गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा अनुराधा कुमारी ने कहा कि परीक्षा से पहले वह काफी नर्वस थीं, लेकिन जितना डर मन में था, उससे कहीं बेहतर पेपर गया। वहीं आंध्रा एसोसिएशन हाई स्कूल की छात्रा अदिति मलिक ने कहा कि उन्होंने पूरा पेपर कंप्लीट किया है और अगर स्पेलिंग की गलतियां नहीं हुई होंगी तो अच्छे अंक आने की उम्मीद है। अधिकांश छात्राओं का मानना था कि प्रश्नपत्र संतुलित और छात्र हितैषी था।
बच्चों के आत्मविश्वास की ताकत बने अभिभावक
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद अभिभावकों के चेहरों पर बच्चों को लेकर चिंता जरूर थी, लेकिन उनके आत्मविश्वास पर भरोसा भी साफ झलक रहा था। अभिभावक सुशीला दासी ने बताया कि परीक्षा के दिनों में बच्चों की दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया गया। समय पर भोजन, पूरी नींद और मानसिक शांति का खास ख्याल रखा गया। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को देर रात तक जागने से रोका गया और मोबाइल फोन व अन्य डिस्ट्रैक्शन से दूर रखा गया। गीता सिंह और पूजा सिंह ने भी कहा कि घर का माहौल शांत रखा गया, ताकि बच्चे बिना किसी दबाव के परीक्षा की तैयारी कर सकें।