अदालत ने कहा- आपने फिल्म नहीं देखी फिर क्याें करें सुनवाई

Delhi High court

नई ‌दिल्लीः फिल्म ‘बटला हाउस’ के प्रदर्शन पर रोक लगाने को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई करने से मना कर दिया। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता ने फिल्म नहीं देखी है इसलिए इसपर सुनवाई नहीं हो सकती। बता दें कि यह फिल्म स्वंतंत्रता दिवस के अवसर पर सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी।

याचिकाकर्ता ने वापस ली याचिका

मुख्य न्यायधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा,‘‘आपने (याचिकाकर्ता और उनके वकीलों ने) फिल्म नहीं देखी है। केवल ट्रेलर से कुछ नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें आपको क्यों सुनना चाहिए ?’’ इसके बाद पीठ का रुख देख उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली।

इस मामले मे हैं आरोपी हैं याचिकाकर्ता

बता दें कि बटला हाउस मुठभेड़ मामले में मुकदमे का सामना कर रहे अरिज खान और इसी मामले में दोषसिद्धी तथा उम्रकैद की सजा के खिलाफ याचिका दायर करने वाले शहजाद अहमद ने इस आधार पर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी कि इससे उनके मामले की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। खान और अहमद 2008 में दिल्ली में हुए सिलसिलेवार धमाकों के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि फिल्म से मामले की सुनवाई पर असर होगा। अब उनकी याचिका पर एकल पीठ 13 अगस्त को सुनवाई करेगी।

19 सितंबर 2008 को हुई थी घटना

गौरतलब है कि पुलिस को ये खबर मिली थी कि 13 सितंबर 2008 को राजधानी दिल्ली में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में कथित तौर पर शामिल आतंकवादी दिल्ली के जामियानगर में बटला हाउस के एक फ्लैट में छिपे हैं। इसके बाद 19 सितंबर 2008 को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के एक दल ने फ्लैट में छापेमारी की थी और उस दौरान आतंकवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में पुलिस इन्स्पेक्टर एम सी शर्मा मारे गए थे।

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