नयी दिल्ली : संसद के दोनों सदनों में बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग को लेकर मंगलवार को भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इसके चलते बार बार स्थगनों के बाद लोकसभा और राज्यसभा स्थगित कर दी गयी।
हंगामे के बीच भारतीय पत्तन विधेयक पारित
लोकसभा में एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद शाम साढ़े चार बजे तक स्थगित कर दी गयी। एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का ऐलान किया। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये गये। इसी दौरान विपक्ष के सदस्यों ने एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। पीठासीन सभापति संध्या राय ने शून्यकाल शुरू कराने का प्रयास किया लेकिन हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर दी। अपराह्न तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष के हंगामे के बीच भारतीय पत्तन विधेयक, 2025 को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सरकार ने गत 28 मार्च को यह विधेयक सदन में पेश किया था।
विपक्षी सांसदों ने कागज फाड़कर अध्यक्ष के आसन की ओर फेंके
सदन में हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने अपराह्न तीन बजकर 25 मिनट पर सदन की कार्यवाही शाम साढ़े चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दो बार के स्थगत के बाद लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने कागज फाड़कर अध्यक्ष के आसन की ओर फेंके। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल सदन की कार्यवाही चला रहे थे। उन्होंने कहा कि उपनेता (विपक्ष) की ओर से इशारा किया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आपने सदन की गरिमा गिरायी है। देश आपको माफ नहीं करेगा। इसके बाद लोकसभा सोमवार 18 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
राज्यसभा में एसआईआर पर विपक्ष का बहिर्गमन
राज्यसभा में मंगलवार को खेल प्रशासन में सुधार से जुड़े दो विधेयक चर्चा करने एवं पारित करने के लिए पेश किये जाने के तुरंत बाद विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिहार में एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा किया और फिर सदन से बहिर्गमन कर गये। दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे सदन की बैठक शुरू होने पर खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक विचार करने एवं पारित करने के लिए पेश किये। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आसन की अनुमति से व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि सभी विपक्षी दलों के सदस्य एसआईआर का मुद्दा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए क्योंकि इसमें दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यकों के बहुत सारे सदस्यों को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 21 जुलाई को ही यह कह दिया था कि वह किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन वह (मुद्दा) संविधान सम्मत और नियमों के अनुसार होना चाहिए। इसके बाद कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सदस्य विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर गये।