एसआईआर पर नहीं थमा हंगामा, दोनों सदनों बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित

हंगामे के बीच लोस ने मर्चेंट शिपिंग बिल और रास नेकैरिज ऑफ गुड्स अमेंडमेंट बिल पारित किया
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नयी दिल्ली : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर मानसून सत्र के 13वें दिन बुधवार को भी हंगामा जारी रहा और दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी हालांकि हंगामे के बीच ही बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोकसभा में मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024 पेश किया जो पारित भी हो गया। राज्यसभा में भी समुद्री रास्ते माल वहन संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया, जो सौ वर्ष पुराने समुद्री रास्ते माल वहन अधिनियम 1925 की जगह लेगा, लोकसभा में यह पहले ही पारित किया जा चुका है।

सदन शुरू होते ही विपक्ष ने एसआईआर मामले पर हंगामा

इससे पहले सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम गिराये जाने के 80 साल पूरा होने का उल्लेख किया तथा विनाशकारी हथियारों से मुक्त विश्व को लेकर भारत की प्रतिबद्धता दोहरायी। सुबह दोनों सदन शुरू होते ही विपक्ष ने एसआईआर मामले पर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिड़ला से मांग की कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा जाये। एसआईआर के मुद्दे पर हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न करीब 2.25 बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।

एसआईआर कोर्ट में विचाराधीन, चर्चा नहीं हो सकती : रीजीजू

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने सदन में कहा कि एसआईआर का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है और लोकसभा के नियमों और परंपराओं के तहत इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। विपक्षी सदस्यों के शोरशराबे के बीच ही सदन ने वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2025 को पारित कर दिया। इसके बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही ध्वनिमत से इसे पारित कर दिया। इसके बाद पीठासीन सभापति ने कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

न प्रश्नकाल हुआ और न शून्यकाल

राज्यसभा में भी एसआईआर सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बज कर तीस मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। हंगामे की वजह से आज भी उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब बैठक शुरू हुई तो पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता की अनुमति से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘बजट मणिपुर (2025-26)’ सदन के पटल पर रखा। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने एसआईआर सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सदस्य अपने स्थानों से आगे आ कर ‘वोट की चोरी बंद करो’ तथा ‘एसआईआर पर चर्चा हो’ जैसे नारे लगाने लगे।

‘नियम सबके लिए एक समान होना चाहिए’

हंगामे के बीच ही उच्च सदन में समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक 2025 पर चर्चा को आगे बढ़ाया गया। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने 23 जुलाई को यह विधेयक विचार एवं पारित करने के लिए उच्च सदन में पेश किया था। विधेयक पर भाजपा के संजय सेठ और राजीव भट्टाचार्जी तथा टीएमसी (एम) सदस्य जी के वासन ने इसका समर्थन करते हुए अपनी बात रखी। पीठासीन अध्यक्ष ने विधेयक पर बोलने के लिए कांग्रेस के नीरज डांगी, बीजद के नजीबुल्ला खान, राकांपा की फौजिया खान और भाकपा के पी संदोष कुमार का नाम भी पुकारा। फौजिया खान और नजीबुल्ला खान सदन में नहीं थे जबकि अन्य सदस्यों ने एसआईआर पर चर्चा की मांग उठायी।

हंगामे के बीच उठाया व्यवस्था का प्रश्न

हंगामे के बीच कुछ सदस्यों ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया तब पीठासीन अध्यक्ष कालिता ने कहा कि वह व्यवस्था के प्रश्न की अनुमति तब देंगे जब सदन में व्यवस्था होगी। आसन की अनुमति मिलने पर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नियम सबके लिए एक समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां से व्यवस्था का प्रश्न उठाने पर आसन की ओर से कहा जाता है कि व्यवस्था के प्रश्न की अनुमति तब दी जायेगी जब सदन में व्यवस्था होगी लेकिन दूसरी ओर सत्ता पक्ष के सदस्य बोल रहे हैं। कालिता ने उनसे मूल विषय पर बोलने के लिए कहा। चर्चा पूरी होने के बाद पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। लोकसभा में यह विधेयक 28 मार्च को पारित हुआ था।

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