शाहीन बाग प्रदर्शन : मध्यस्थ बोले- प्रदर्शन करना आपका हक है तो सड़कों पर चलना, दुकानें खोलना दूसरों का हक

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नई दिल्ली : शीर्ष न्यायालय द्वारा नियुक्त तीन मध्यस्थ बुधवार को शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचे। वार्ताकार अभिवक्ता संजय हेगड़े और अभिवक्ता साधना रामचंद्रन ने शीर्ष न्यायालय का आदेश पढ़कर सुनाया। साथ ही साधना रामचंद्रन ने सभी प्रर्दशनकारियों से कहा कि जैसे प्रदर्शन करना आपका हक है, ठीक वैसे ही दूसरों का भी अधिकार है कि वे सड़कों पर चल सकें और अपनी दुकानें खोल सकें। प्रदर्शनकारियों से बातचीत से पहले मध्यस्थों ने मीडिया को वहां से हटने का अनुरोध किया। बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन को दो महीने से ज्यादा वक्त हो चुका है। इस प्रर्दशन के कारण रास्तें और दुकाने भी बंद पड़े हैं, जिसे खुलवाने के लिए शीर्ष न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए मध्यस्थों की नियुक्ति की। इसके अलावा न्यायालय ने दोनों से पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला से मदद लेने की बात भी कही।

हक वहीं तक होना चाहिए, जहां तक दूसरे का हक प्रभावित न हो

वार्ताकारों ने मंगलवार को शाहीन बाग में अवरोध पर अपनी पहली चर्चा करते हुए शाहीन बाग क लोगों से कहा कि शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि आप लोगों को आंदोलन करने का अधिकार है और उसी तरह अन्य नागरिकों के भी कुछ अधिकार हैं, जो इस रास्ते से आना-जाना करते हैं। बच्चे स्कूल और लोग अपने कार्यालय आते-जाते हैं। उनके भी अधिकार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हक वहीं तक होना चाहिए, जहां तक दूसरे का हक प्रभावित न हो। सड़क, मैदान, पुल सार्वजनिक सुविधाएं हैं। वार्ताकारों ने यह भी कहा कि हम आपकी सारी बातें सुनेंगे और हम ऐसा हल निकालेंगे जो न केवल देश बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन जाएगा।

शाहीन बाग का रास्ता कुछ यात्री ही इस्तेमाल करते हैं

वहीं कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दक्षिण पूर्वी दिल्ली स्थित शाहीन बाग-कालिंदी कुंज मार्ग का इस्तेमाल केवल कुछ यात्री ही करते हैं, जिनमें ज्यादातर जामिया नगर और ओखला के हैं। साथ ही प्रर्दशनकारियों ने कहा कि वे प्रदर्शन के लिए इस स्थल का इस्तेमाल करने के लिए सहमत हैं।

न्यायालय ने वैकल्पिक जगह तलाशने को कहा

बता दें कि शीर्ष न्यायालय ने शाहीन बाग से जुड़े मामले की सुनवाई 24 फरवरी को होनी है। वार्ताकारों की नियुक्ति वकील अमित साहनी द्वारा शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर की गई है। याचिका में कहा गया कि ये लोग गैरकानूनी तरीके से सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे दिल्ली से नोएडा का रास्ता जाम हो गया है। साथ ही शीर्ष न्यायालय ने किसी ऐसी जगह प्रदर्शन जारी रखने की सलाह दी थी, जहां यातायात बाधित न हो।

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