सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अयोध्या में लगे कई रोक

supreme court

अयोध्या : राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद मामले की शीर्ष न्यायालय में सुनवाई पूरी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि अदालत की ओर से 17 नवंबर तक फैसला आ सकता है। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति और अफवाह से बचने के लिए सोशल मीडिया के लिए 4 पन्नों का एक दिशा-निर्देश जारी किया है। जिसमें अयोध्या जिले में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वह वाट्सऐप, ट्विटर, टेलिग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर भगवान को लेकर किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी न करें। यह आदेश 2 महिने के लिए दिया गया है।

टीवी चैनलों को बहस से बचने के आदेश

इस दौरान योगी सरकार ने टीवी चैनलों को बहस (डिबेट) के आयोजन से बचने का आदेश दिया। इस आदेश को अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने 31 अक्टूबर को जारी किया है। साथ ही कहा कि यह दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत 28 दिसंबर तक पूरे जिले में प्रभावी रहेगा। इतना ही नहीं इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 188 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।

इन पर कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं होगी

अयोध्या में जारी किए गए आदेश में यह साफ कहा गया है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, ट्विटर और वाट्सएप पर महान हस्तियों, देवताओं और भागवान पर किसी भी तरह की कोई अपमानजनक टिप्पणी करने का प्रयास ना करें। साथ ही जिला प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी देवता की कोई भी मूर्ति स्थापित नहीं की जानी चाहिए। इतना ही नहीं अदालत के फैसले से पहले सरकार ने अयोध्या में रैलियों और दीवार की पेंटिंग पर भी रोक लगा दी है।

त्योहारों पर भी लगा प्रतिबंध

अयोध्या के लिए 30 दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन 2 महिनों में त्योहारों और अन्य घटनाओं के मद्धेनजर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। जिसमें छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा, पंचकोसी परिक्रमा, चौधरी चरण सिंह जयंती, गुरू नानक देव जयंती, गुरू तेग बहादुर शहीद दिवस, ईद-उल-मिलाद और क्रिसमस शामिल हैं। इस संबंध में 10 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया था। जिसके बाद 30 अक्टूबर को एक बार फिर से नया आदेश जारी हुआ। साथ ही विस्तार से इन आदेशों के बारे में बताया गया। नए आदेश के तहत रामजन्मभूमि पर किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम, जलसे, रैली या भित्ती चित्र बनाने पर रोक है।

हथियार ले जाने पर रोक

इस आदेश के अनुसार सरकारी अधिकारियों के अलावा सभी व्यक्तियों के लाइसेंसी हथियार ले जाने पर रोक लगा दी गई है। तय की गई अवधि के दौरान, यदि किसी को हथियार लेकर चलना है तो उसे जिला प्रशासन से इसकी मंजूरी लेनी होगी।

शेयर करें

मुख्य समाचार

शतरंज पर नहीं पड़ा कोविड-19 का असर, अन्य खेल ठप पड़े

चेन्नई : ऐसे समय में जब कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया भर में खेल गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं, तो शतरंज एक ऐसा खेल है जो आगे पढ़ें »

भारत को दो विश्व कप जिताने वाले कप्तान ने कहा, पद्म श्री नहीं, सरकारी नौकरी चाहिए

नई दिल्ली : भारत को दो बार ब्लाइंड वर्ल्ड कप क्रिकेट जिताने वाले कप्तान शेखर नाइक इस समय वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। यही आगे पढ़ें »

ऊपर