

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता में आयोजित मीडिया राउंडटेबल के दौरान एक्सिस एसेेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डाइरेक्टर एंड सीईओ गोपकुमार भाष्करन ने पश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता को निवेश के उभरते केंद्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते आर्थिक व्यवहार, युवाओं की भागीदारी और बढ़ती वित्तीय जागरूकता ने राज्य को राष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।
कोलकाता बना देश का टॉप-5 म्यूचुअल फंड बाजार
गोपकुमार ने बताया कि कोलकाता अब देश के शीर्ष पांच म्यूचुअल फंड बाजारों में शामिल हो चुका है। राज्य में उद्योग की ग्रॉस सेल्स में लगभग 39% की वृद्धि दर्ज की गई। कोलकाता निवेश के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पूर्वी भारत में पारंपरिक बचत संस्कृति अब इक्विटी निवेश की ओर मुड़ रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग ऐतिहासिक रूप से अच्छे बचतकर्ता रहे हैं, और अब वही बचत पूंजी बाजार की ओर स्थानांतरित हो रही है।
युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी
उन्होंने कहा, अब निवेश की औसत आयु घटकर 35 वर्ष के आसपास आ गई है। 20–40 वर्ष आयु वर्ग के युवा अब अर्थपूर्ण बचत और निवेश कर रहे हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण निवेशकों का व्यवहार अधिक जागरूक और विश्लेषणात्मक हुआ है। अब निवेशक सिर्फ रिटर्न नहीं, बल्कि उत्पाद की संरचना, जोखिम और होल्डिंग पीरियड पर भी सवाल पूछ रहे हैं।
SIP में निरंतर वृद्धि, 2026 तक रफ्तार बरकरार
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में पश्चिम बंगाल से नए निवेशकों की बड़ी संख्या जुड़ी है। वर्ष 2024-25 में लगभग 1.8 लाख नए निवेशक जुड़े। नियमित निवेश की आदत बढ़ रही है।गोपकुमार ने कहा कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि के निवेश का संदेश लगातार दिया जा रहा है। बदलता निवेश व्यवहार: सिर्फ इक्विटी नहीं, कमोडिटी और मल्टी-एसेट पर भी फोकसनिवेशक अब सोना और चांदी जैसे कमोडिटी विकल्पों की ओर भी देख रहे हैं। हालांकि कंपनी का मानना है कि इक्विटी अब भी दीर्घकाल में सबसे बेहतर एसेट क्लास है।हाल ही में लॉन्च मल्टी-एसेट और गोल्ड-सिल्वर आधारित फंड को अच्छा प्रतिसाद मिला है। कंपनी ने वैकल्पिक निवेश (Alternate Investments) और प्राइवेट क्रेडिट में भी विस्तार की योजना बनाई है।
पूर्वी भारत में रियल एस्टेट और प्राइवेट कैपिटल पर नजर
कंपनी का मानना है कि पूर्वी भारत में: कमर्शियल रियल एस्टेट, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) , हेल्थकेयर और बायोटेक सेक्टर में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
पेंशन और दीर्घकालीन बचत में वृद्धि
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) जैसे लॉक-इन उत्पादों में भी निवेश बढ़ रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक दीर्घकालीन अनुशासन अपना रहे हैं।
कोलकाता- पारंपरिक बचत से आधुनिक निवेश की ओर
गोपकुमार के अनुसार, कोलकाता में इक्विटी संस्कृति पहले से मौजूद रही है। अब यह संस्कृति नई पीढ़ी के साथ और मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह रफ्तार बरकरार रही तो पूर्वी भारत देश के प्रमुख निवेश हब के रूप में उभरेगा। पश्चिम बंगाल, विशेषकर कोलकाता, अब केवल पारंपरिक बचत केंद्र नहीं बल्कि तेजी से विकसित होता निवेश हब बन रहा है। युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, SIP में वृद्धि और वित्तीय जागरूकता राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दे रही है।