

जम्मू कश्मीर : अलगाववादी नेता यासीन मलिक 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर के बाहरी इलाके रावलपुरा में हुई भीषण गोलीबारी से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इस हत्याकांड में एअरफोर्स के 4 जवानों की मौत हो गई थी और 22 अन्य घायल हो गए थे। मृतकों में वायुसेना के अधिकारी रवि खन्ना भी शामिल थे। शनिवार को जम्मू की टाडा कोर्ट में दो प्रमुख चश्मदीद गवाहों ने यासीन मलिक और उसके 3 कथित सहयोगियों की मुख्य आरोपी के रूप में स्पष्ट पहचान की है।
सुनवाई में यासिन मलि वीडियो कांफ्रेंसिंग जबकि जावेद मीर, नाना जी और शौकत बख्शी की सशरीर पेशी हुईै। इस मामले के चश्मदीद गवाह भारतीय वायुसेना के एक स्टाफर ने यासीन मलिक को उस हत्याकांड का मुख्य शूटर बताया। उन्होंने दावा किया कि यासीन मलिक ही वह व्यक्ति था जिसने गोली चलाई थी। इससे पहले, इस हमले में बच निकले वायुसेना के पूर्व कर्मी राजवार उमेश्वर सिंह ने सीबीआई कोर्ट में यासीन मलिक की शिनाख्त मुख्य हमलावर के तौर पर की थी।
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि इस हमले को यासीन मलिक ने अपने गैंग के साथ मिलकर अंजाम दिया था। उसका मकसद उस वक्त घाटी में आतंक फैलाना था। खैर, अदालत में आरोपियों की शिनाख्त हो गई है। अदालत ने अब इस मामले में सुनवाई के लिए 29 नवंबर का दिन तय किया है।