वुहान में हवा में मिले कोरोना वायरस के आरएनए

नई दिल्ली : कोरोना वायरस को लेकर रोज नई जानकारी सामने आ रही है। चीन के वैज्ञानिक लैब के साथ ही इस शहर के वातावरण में भी शोध कर रहे हैं, इस दौरान उन्हें वुहान के दो अस्प तालों की हवा में मिले ड्रॉपलेट में एक इंच के 10,000 वें हिस्से के बराबर छोटे कोरोना वायरस के आरएनए मिले हैं।

सामान्य वातावरण में कोरोना वायरस का हवा में मिलना काफी चौकाने वाला है, हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि अस्पतालों की हवा से जुटाए सैंपल्स में मौजूद वायरस से संक्रमण फैल सकता है या नहीं, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि छोटे ड्रॉपलेट बात करते या सांस लेते समय श्वसन तंत्र में आसानी से पहुंच सकते हैं। हवा के जरिये संक्रमण फ़ैलाने के लिए काफी है। वहीं वर्जीनिया टेक में सिविल एंड एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर लिंसी मैर का कहना है कि हवा में मौजूद ये वायरस अगले 2 घंटे तक एक से दूसरी जगह फैल सकता है, जिसका सीधा मतलब है कि इसमें हवा के जरिये संक्रमण फैलाने की पूरी क्षमता है। अब माना जा रहा है कि कोरोना वायरस एयरोसोल के जरिये भी फैल रहा है।

हालाँकि वर्ल्डप हेल्थै ऑर्गेनाइजेशन लगातार इस बात से इनकार कर रहा है कि कोरोना वायरस हवा से भी फैल सकता है, डब्ल्यूएचओ का कहना है कि कोरोना वायरस बडी ड्रॉपलेट के जरिये ही फैल सकता है और ये ज्यादा देर हवा में नहीं रह सकते।
वुहान के अस्पताल में शोध करने वाले वैज्ञानिक इस बात की जानकारी जुटाने में लगे हैं कि अस्पताल और सार्वजनिक जगहों से हवा से जुटाए गए एयरोसोल में मौजूद कोरोना वायरस के आरएनए संक्रमण फैला सकते हैं या नहीं। अभी ये पता पता नहीं चला है कि हवा में वायरस अपनी संख्या में इजाफा कर सकता है या नहीं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

दूरदर्शन में कोरोना से कैमरामैन का हुआ निधन, कार्यालय सील

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के 66वें दिन शुक्रवार को दूरदर्शन के कैमरामैन योगेश कुमार के निधन के बाद आगे पढ़ें »

प्रवासी मजदूर हमारे अपने, कोरोना के वाहक नहीं : धनखड़

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रवासी मजूदरों को कोरोना वायरस (कोविड 19) के वाहक के रूप में निरुपति किये जाने पर आगे पढ़ें »

ऊपर