गहलोत ने मांगा विभिन्न परियोजनाओं के लिए केन्द्र से वित्तीय सहयोग

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दिल्ली में मुलाकात की
नयी दिल्ली/जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार से केन्द्रीय करों में राज्य का हिस्सा समय पर मिलने, विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के वित्तीय प्रस्तावों को अनुमति देने और राज्यहित में केंद्रीय योजनाओं की राशि समय पर जारी करने का आग्रह किया है। गहलोत ने शनिवार को इस सम्बंध में नयी दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न वित्तीय मामलों पर चर्चा के दौरान उनसे यह अनुरोध किया। गहलोत ने करीब 5473 करोड़ रुपये की लागत की सात पेयजल परियोजनाओं के वित्तीय प्रस्तावों को शीघ्र अनुमति प्रदान करने आग्रह भी किया। उन्होंने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल परियोजना के तृतीय चरण के लिए 1450 करोड़ रुपये की बाह्य वित्त पोषण सहायता प्राप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की भी गुजारिश की। इस योजना से जोधपुर, बाड़मेर एवं पाली के 2014 गांवों तथा पांच कस्बों को वर्ष 2051 तक जलापूर्ति की जा सकेगी।
गहलोत ने सीतारमण से कहा कि राजस्थान के विभिन्न जिलों में पेयजल के लिए जापान की सहयोग एजेंसी जायका से ऋण लेने के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनके प्रस्ताव केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय तथा शहरी विकास मंत्रालय के पास लंबित हैं। उन्होंने राज्य में किसानों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए की गयी कर्ज माफी योजना के लिए केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग भी मांगा। गहलोत ने कहा कि राज्य में विकास योजनाएं समय पर पूरी हों और उनके लिए धन की कमी नहीं हो, इसके लिए राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 3 प्रतिशत के स्थान पर 4 प्रतिशत तक शुद्ध ऋण लेने की अनुमति प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ऋण लेने की सहमति प्रदान नहीं किये जाने से राज्य के विकास प्रभावित हो रहे हैं।

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