सोमवार के दिन करें भगवान शिव के 11 रुद्र रुपों की पूजा, सभी बाधाओं से होंगे मुक्त

नई दिल्ली : सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से वह प्रसन्न होते हैं। सोमवार के दिन भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से वह सभी बाधाओं से मुक्त करते हैं। साथ ही वह सुखद जीवन का आशिर्वाद भी प्रदान करते हैं। सोमवार के दिन भगवान शिव को खुश करने के लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर उनकी आराधना करें। यह उपाय अधिक फलदायी है। माना जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव और मां पार्वती धरती का भ्रमण करने नीकलते हैं। उस वक्त उनकी पूजा करना विशेष रुप से फलदायी है। माना जाता है कि भगवान शिव धरती के संहारक हैं। उनके संहारक रुप को रुद्र रुप बोला जाता है। भगवान शिव के 11 रुद्र रुप हैं। इन 11 रुपों के अलग-अलग नाम हैं। इन सभी रुपों के अलग-अलग नाम के साथ अलग-अलग मंत्र भी हैं, जिनके उच्चारण मात्र से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
शम्भ
ब्रह्मविष्णुमहेशानदेवदानवराक्षसाः ।
यस्मात्‌ प्रजज्ञिरे देवास्तं शम्भुं प्रणमाम्यहम्‌ ॥
पिनाकी
क्षमारथसमारूढ़ं ब्रह्मसूत्रसमन्वितम्‌ ।
चतुर्वेदैश्च सहितं पिनाकिनमहं भजे ॥
गिरीश
कैलासशिखरप्रोद्यन्मणिमण्डपमध्यमगः ।
गिरिशो गिरिजाप्राणवल्लभोऽस्तु सदामुदे ॥
स्थाणु
वामांगकृतसंवेशगिरिकन्यासुखावहम्‌ ।
स्थाणुं नमामि शिरसा सर्वदेवनमस्कृतम्‌ ॥
भर्ग
चंद्रावतंसो जटिलस्रिणेत्रोभस्मपांडरः ।
हृदयस्थः सदाभूयाद् भर्गो भयविनाशनः ॥
भव
योगीन्द्रनुतपादाब्जं द्वंद्वातीतं जनाश्रयम्‌ ।
वेदान्तकृतसंचारं भवं तं शरणं भजे ॥
सदाशिव
ब्रह्मा भूत्वासृजंल्लोकं विष्णुर्भूत्वाथ पालयन्‌ ।
रुद्रो भूत्वाहरन्नंते गतिर्मेऽस्तु सदाशिवः ॥
शिव
गायत्री प्रतिपाद्यायाप्योंकारकृतसद्मने ।
कल्याणगुणधाम्नेऽस्तु शिवाय विहितानतिः ॥
हर
आशीविषाहार कृते देवौघप्रणतांघ्रये ।
पिनाकांकितहस्ताय हरायास्तु नमस्कृतः ॥
शर्व
तिसृणां च पुरां हन्ता कृतांतमदभंजनः ।
खड्गपाणिस्तीक्ष्णदंष्ट्रः शर्वाख्योऽस्तु मुदे मम ॥
कपाली
दक्षाध्वरध्वंसकरः कोपयुक्तमुखाम्बुजः ।
शूलपाणिः सुखायास्तु कपाली मे ह्यहर्निशम्‌

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

घंटों मशक्कत के बाद कैद हुआ बाघ

दक्षिण 24 परगना : वन विभाग के कर्मियों ने काफी घंटों की मशक्कत के बाद धान के खेत से रॉयल बंगाल टाइगर को पिंजरे में आगे पढ़ें »

ऊपर