पैसों की फिक्र में जल्द बुढ़े होते युवा

वर्तमान दौर में पैसों की फिक्र ने मध्य आयु के युवाओं को अत्यधिक प्रभावित किया है। पैसों की फिक्र व तनाव में डूबा युवा जल्द ही बूढ़ा हो रहा है। इस चिंता का प्रभाव यह हो रहा है कि वह 35 की उम्र में 40 वर्ष से ऊपर का महसूस करता एवं नजर आता है। वैसे भी चिंता के बारे में कहा गया है कि यह चिता के समान होता है अर्थात् चिंता चिता की ओर ले जाती है।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने की चिंता के चलते वे युवावस्था में ही स्वयं को उम्रदराज मानने लगे हैं। 35 वर्ष की आयु में तीन चौथाई युवा आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताग्रस्त हैं। महंगाई और मंदी भी इनकी चिंता को बढ़ा रही है। चिंताग्रस्त युवा स्वयं इससे उबरने नानाविध उपाय कर रहे हैं। वेे व्यायाम पर ध्यान दे रहे हैं अथवा चिकित्सकों से परामर्श कर तदनुसार जतन कर रहे हैं। वे स्वास्थ्य लाभ के लिए परिवार एवं मित्रों की शरण में भी जा रहे हैं।

चिंता से उबरने में जो बाजी मार लेता है वह मंजिल पर पहुंच जाता है अन्यथा चिंता के सागर में तैरता उतरता रहता है। चिंता का जितना दामन थामेंगे, वह उतना ही आपको अपने बंधन में बांधती जाती है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

विद्युत ऊर्जा निगम लिमिटेड का करोड़ों का केबल चोरी

जमशेदपुर : टेल्को थाना अंतर्गत जेम्को के पास झारखंड विद्युत ऊर्जा निगम लिमिटेड का करोड़ों रुपये का केबल चोरी करने के आरोप में पुलिस ने आगे पढ़ें »

राज्यपाल मुर्मू ने महिला कॉलेज का किया उद्घाटन

लोहरदगा: झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू बुधवार लोहरदगा पहुंची। यहां उन्होंने सेन्हा प्रखंड के बरही में 9 करोड़ की लागत से निर्मित महिला कॉलेज का आगे पढ़ें »

ऊपर