भगवान शिव की कृपा पाने का बेहद आसान उपाय, पूजा के समय अर्पित कर दें इस पेड़ की जड़

कोलकाताः सावन में भगवान की कृपा पाने के लिए हर वो चीज की जाती है जिससे भोलेनाथ प्रसन्न हों जाते हैं। ऐसे ही भगवान शिव को उनकी प्रिय चीजें अर्पित की जाती हैं। भोलेनाथ एक मात्र ऐसे देवता हैं, जो मात्र एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें प्रसन्न करने के लिए जल, बेल पक्ष, धतूरा, भांग, चंदन आदि भी अर्पित किया जाता है। ताकि उनकी कृपा पाई जा सके। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने से जल्द ही उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों में सिर्फ बेलपत्र ही नहीं, बल्कि बेलपत्र की जड़ का भी विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं कि भगवान शिव को सावन में बेल वृक्ष की जड़ अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों के सभी दुख हर लेते हैं। आइए जानते हैं बेलपत्र की जड़ का महत्व।

  • बेल वृक्ष की जड़ का महत्व 

ज्योतिष शास्त्र में मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा बिना बेलपत्र के पूरी नहीं मानी जाती। सावन में इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।  ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल और बेलपत्र चढ़ाने से ही भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। इससे सुख-समृद्धि और मानसिक शांती मिलती है। जानें इसकी जड़ चढ़ाने के फायदे।

  • दूर होगी आर्थिक तंगी

धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि भगवान शिव को बेलपत्र की जड़ अर्पित करने से भक्तों की आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। कहते हैं कि इसमें स्वंय माता लक्ष्मी का वास होता है।

  • दरिद्रता होती है समाप्त

शास्त्रों के अनुसार बेल पत्र अगर सावन के महीने में नियमित रूप से भगवान शिव को अर्पित किए जाएं, तो व्यक्ति की आर्थिक स्थिति तो मजबूत होती ही हैं। साथ ही उसकी दरिद्रता का भी नाश होता है। इसे श्री वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। बेल वृक्ष की जड़ों में खीर, मिष्ठान आदि अर्पित करने से दरिद्रता समाप्त हो जाती है।

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