शिक्षकों के मुद्दे पर बिहार विधानसभा में जोरदार हंगामा

पटना : बिहार विधानसभा में बुधवार को नियोजित शिक्षकों के मामले को लेकर विपक्ष के सदस्यों ने जमकर हंगामा मचाया, जिसके कारण सभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा-माले) के महबूब आलम ने नियोजित शिक्षकों की हड़ताल के मामले को उठाया और इस पर सदन में चर्चा कराने के लिए दिए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग की। सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने उनसे प्रश्नकाल के बाद इस मामले को उठाने का आग्रह किया लेकिन कांग्रेस, भाकपा-माले और राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीच में आ गए। शोरगुल के बीच ही सभाध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू किया। राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी के अल्पसूचित प्रश्न का श्रम संसाधन मंत्री ने जवाब भी दिया लेकिन शोरगुल के कारण उनका उत्तर साफ नहीं सुना जा सका। सभाध्यक्ष ने सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया लेकिन विपक्ष के सदस्य नहीं माने और शोरगुल तथा नारेबाजी करते रहे। सभाध्यक्ष ने सदन को अव्यवस्थित देख करीब 10 मिनट के बाद सभा की कार्यवाही बारह बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी। बारह बजे जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तब सभाध्यक्ष ने कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह, भाकपा माले के महबूब आलम, राजद के ललित यादव, समीर कुमार महासेठ, मोहम्मद नवाज आलम, अख्तरुल इस्लाम शाहीन और शमीम अहमद के कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमानुकूल नहीं पाते हुए अमान्य कर दिया। इसके बाद अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों को अपना कर्मी नहीं मानती है। यह एक गंभीर मामला है। नियोजित शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर हैं और धरना पर बैठे हुए हैं। सरकार उनसे बातचीत के बजाय उन पर लाठी चला रही है और उन्हें सेवा से बर्खास्त कर रही है। इस पर सभाध्यक्ष ने कहा कि गंभीर मामला है तो इसे सही समय और सही तरीके से उठायेंगे तो सरकार इसका जवाब भी देगी। अभी सदन को चलने दिया जाये। सभाध्यक्ष के आग्रह का उन पर कोई असर नहीं हुआ और अवधेश सिंह सदन के बीच में आ गए। उनके पीछे-पीछे भाकपा माले और राजद के सदस्य भी सदन के बीच में आकर भारी शोरगुल तथा नारेबाजी करने लगे। शोरगुल के बीच ही सभाध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचना पढ़ने के लिए सदस्यों का नाम पुकारा। कुछ सदस्यों ने शोरगुल के बीच ही शून्यकाल की सूचना भी पढ़ी लेकिन उसे शोरगुल में ठीक से सुना नहीं जा सका। विपक्ष के सदस्य कुछ देर तक शोरगुल और नारेबाजी करते रहे। इसके बाद सभाध्यक्ष चौधरी ने सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी।

शेयर करें

मुख्य समाचार

लोगों को मेरे खेल के खत्म होने के बारे में लिखने की आदत है, मुझे फर्क नहीं : सुशील

नयी दिल्ली : दिग्गज पहलवान सुशील कुमार उम्र के ऐसे पड़ाव पर है जहां ज्यादातर खिलाड़ी संन्यास की घोषणा कर देते है लेकिन ओलंपिक में आगे पढ़ें »

कोरोना से हुए नुकसान को कम करने के लिए सरकार जल्द नए राहत पैकेजों की घोषणा करेगी

नई दिल्ली : कोरोना के कारण हुए लॉक डाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। वित्त मंत्रालय लगातार राहत पैकेज पर आगे पढ़ें »

ऊपर