लिवर रोगों को दूर करे हल्दी

हल्दी की गांठ एवं हल्दी पाउडर से सभी परिचित हैं। यह पाउडर के रूप में रसोईघर में अवश्य मिल जाती है। दाल व साग-सब्जियों में इसका प्रयोग किया जाता है। यह अचार में भी डाली जाती है। उसके बिना विवाह विधि पूरी नहीं होती। यह उबटन एवं क्रीम में भी काम आती है। यह एंटीबायोटिक का काम करती है। इसकी गीली पट्टी दर्द व सूजन दूर करती है। गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से सर्दी, खांसी, बुखार में आराम मिलता है। सोने से पूर्व इसे पीने से गहरी नींद आती है। हाल ही हुए शोधों में इसके अन्य लाभ सामने आये हंै। लिवर के रोगों को दूर करने का भी यह काम करती है। आयुर्वेद ने इस बात को बहुत पूर्व ही बता दिया था। चिकित्सा वैज्ञानिकों ने भी अब इसकी पुष्टि कर दी है। लिवर के किसी भी प्रकार के रोगी यदि सवेरे खाली पेट एक चम्मच हल्दी पाउडर फांक खा लें और ऊपर से पानी पी लें या दूध के साथ लें तो लाभ अवश्य मिलेगा।

व्यस्त होकर अवसाद भगाइए

अवसाद अर्थात डिप्रेशन का शिकार बच्चा, बड़ा कोई भी हो सकता है। घर-परिवार से एवं बाहर मित्र वर्ग से, स्कूल या कार्यस्थल से किसी कारण से उपेक्षित किए जाने पर व्यक्ति अवसादग्रस्त होता है। यह अवसाद जीवन की सारी खुशियों को चौपट कर देता है। कुछ करने की ललक एवं उत्साह को ठंडा कर देता है। निराशा घर कर लेती है। यदि ऐसा लगे तो उसे दूर करने के लिए सावधान हो जाएं। अवसादग्रस्त व्यक्ति अपनी अन्य रुचियों में व्यस्त हो जाए। रुचि के अनुसार खेल खेलें। किताबें व पत्रिकाएं पढ़ें। धीमी आवाज में संगीत सुनें। बच्चों से घुल-मिल जाएं। पालतू जीवों पशु-पक्षी, मछली, बिल्ली, खरगोश, कुत्ता आदि की गतिविधियों को ध्यान से देखें। बस स्टैण्ड, स्टेशन या किसी भीड़ भरे स्थान में किनारे रह उस पर गौर करें। अवसाद कुछ समय के भीतर उड़न छू हो जाएगा। व्यक्ति चुनौतियों से लडऩे की नव ऊर्जा पाएगा।

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