अगर मन में है चांद पर जमीन खरीदने की इच्छा, तो एक बार घूमने जा सकते हैं मूनलैंड

कोलकाता : आज के मौजूदा समय में लोग धरती ही नहीं चांद पर भी जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं। यही नहीं, कुछ अमीर लोगों ने तो चांद पर जमीन खरीद भी ली है। हालांकि, वर्ष 1967 में एक कानून बनाया गया था, जिसके तहत चांद पर जमीन खरीदना और बेचना गैरकानूनी है। इस पर भारत समेत कुल 104 देशों ने सहमित जताई थी। हालांकि, फिर भी लोग चांद पर जमीन खरीदना चाहते हैं। वहीं, अगर आपके मन में भी इस तरह के ख्याल हैं, तो आपको एक बार तो मूनलैंड जरूर जाना चाहिए, क्योंकि यहां की सैर करना चांद पर जाने से कम नहीं माना जाता है। तो चलिए जानते हैं इस जगह के बारे में।
दरअसल, जिस मूनलैंड के बारे में हम आपको बता रहे हैं ये कहीं और नहीं बल्कि भारत में ही है। यहां हर साल काफी संख्या में लोग घूमने आते हैं, और यहां का नजारा देखकर वो हैरान रह जाते हैं। मूनलैंड कश्मीर में स्थित है, जो कि लेह से 127 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम लामायुरू गांव है, और यहां काफी संख्या में लोग घूमने आते हैं। लेकिन यहां सिर्फ घूमने का ही मजा आप नहीं उठा सकते, बल्कि यहां की एक अलग खासियत है जो लोगों को यहां खींचती है। यहां लोग मूनलैंड के दीदार करने के लिए आते हैं। वहीं, हिंदी में इसे चांद की जमीन कहा जाता है। लामायुरू गांव 3510 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। आपने कई बार ये सुना होगा कि चांद की जमीन बिल्कुल अलग है। ठीक ऐसा ही यहां भी है, जिसकी वजह से इस जगह को मूनलैंड कहा जाता है। इस गांव में सैलनियों की संख्या हर साल ही बढ़ती है और वो भी सिर्फ इस मूनलैंड को देखने के लिए। ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर पहले एक झील थी, लेकिन फिर बाद में ये सूख गई। लेकिन यहां कि खासियत ये है कि ये झील तो सूख गई, लेकिन यहां की मिट्टी जो कि पीली और सफेद रंग की दिखती है। साथ ही ये मिट्टी बिल्कुल चांद की जमीन की तरह दिखती है, जिसे देखने के लिए यहां लोग दूर-दराज से पहुंचते हैं। वैसे तो इस जगह को दिन में भी देखने का अलग मजा है, लेकिन इस जगह को देखने का रात में ज्यादा आनंद आप ले सकते हैं।
हीं, अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप पूर्णिमा की रात को यहां जा सकते हैं, क्योंकि चांद की रोशनी पूर्णिमा की रात को इस धरती पर पड़ती है, जिसके कारण ये मिट्टी चांद जैसी चमकती है और देखने पर ये बिल्कलु चांद की जमीन की तरह दिखती है। इसके अलावा इस लामायुरू गांव में एक मठ भी है, जो आर्कषण का केंद्र है। इसे भी देखने यहां लोग पहुंचते हैं।

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