इस खिलाड़ी ने कहा द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए अपने ससुर जी का नाम दूंगी

Sakshi Malik

नई ‌‌दिल्‍ली : भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक में अपनी पहलवानी का कमाल दिखाते हुए कांस्‍य पदक अर्जित किया था। साक्षी की इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद कई ऐसे लोग सामने ‌आए थे जो साक्षी के कोच होने का दावा कर रहे थे। लेकिन सबके दावों को दरकिनार करते हुए साक्षी ने खुद साफ कर दिया कि वो द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए अपने ससुर सत्यवान कादियान के नाम को ही आगे करेंगी।

तीन कोच होने पर पैदा हुई दुविधा

साक्षी ने कार्यक्रम के दौरान अपने कोच के मुद्दे पर बात की। साक्षी ने कहा कि ये एक लंबी कहानी है और इसे मैं एक बात साफ कर देना चाहती हूं कि शुरूआत में मेरे कोच ईश्वर ‌सिंह दहिया थे जिनके रिटायर होने के बाद मंदीप सिंह ने अपने अखाड़े में कोचिंग दी। उन्होंने कहा कि जब वे लखनऊ जाती थीं तो राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक उन्हें ट्रेनिंग देते थे। साक्षी ने कहा कि उनके तीन कोच हो गए हैं जिसके कारण दुविधा खड़ी हो गई है कि उनका कोच कौन है।

पिछले ढाई साल से ससुर हैं कोच

साक्षी ने कहा कि पिछले ढाई साल से उनके ससुर ही उनकी कोचिंग करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके ससुर ‌अर्जुन अवार्डी हैं। साक्षी ने कहा कि घर लौटने पर वे उन्हीं से ट्रेनिंग लेंगी। गौरतलब है कि साक्षी अपनी शादी के बाद से अपने ससुर के अखाड़े में ही ट्रेनिंग ले रही हैं। साक्षी ने द्रोणाचार्य अवार्ड के मुद्दे पर भी अपनी बात स्पष्टता से रखी। उन्होंने इस अवार्ड के लिए कोच का नाम देने के मुद्दे पर कहा‌ कि वे इसके लिए अपने ससुर का नाम देंगी। साक्षी ने कहा कि मेरे कोच के बारे मे स्पष्ट कर देने के बाद अब लोगों के सामने ये साफ हो जाना चाहिए कि मेरे कोच कौन हैं।

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