हृदय रोगों से ऐसे करें बचाव

 

– समय-समय पर कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसिराइड की जांच करवाते रहें। इनकी रक्त में अधिकता हृदय रोगों का प्रमुख कारण है। रक्त में कोलेस्ट्रोल का अधिक स्तर होना हृदयाघात की संभावना को बढ़ाता है, इसलिए इस पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है। अपने भोजन में संतृप्त वसा का सेवन न करें जैसे मक्खन, पनीर आदि। इसके स्थान पर फलों व सब्जियों, मछली, मूंगफली सोयाबीन, अनाज, आदि का सेवन करें।

– अपना रक्तचाप भी समय-समय पर जांच करवाते रहें। अधिक नमक का सेवन भी रक्तचाप को बढ़ाता है इसलिए इस पर नियंत्रण रखिए। उच्च रक्तचाप न केवल हृदय के लिए घातक है बल्कि मस्तिष्क और किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है।

– उच्च रक्तचाप से होने वाले खतरे अब बढ़ते ही जा रहे हैं। पेरिस में फ्रेंच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च के डाॅ. क्रिस्टोफर टजोरियो द्वारा किए गए एक शोध से यह सामने आया है कि उच्च रक्तचाप के कारण हमारे मस्तिष्क की कार्य क्षमता के स्तर में भी गिरावट आती है, इसलिए रक्तचाप पर नियंत्रण रखिए।

– रक्त में शर्करा की अधिक मात्रा मधुमेह का कारण बन सकती है और मधुमेह भी हृदय रोगों का कारण बन सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मधुमेह रोगियों के शरीर में थ्राम्बाक्सेन नाम का पदार्थ पैदा होता है जो रक्त प्लेटलेट्स को एक दूसरे से चिपका देता है जिससे मधुमेह रोगियों को हृदय रोग होने की संभावना अधिक हो जाती है इसलिए 35 वर्ष की आयु के पश्चात् रक्त में ग्लूकोज के स्तर की जांच करवाएं और मधुमेह से बचने के लिए चीनी, जैम, मिठाई, पेेस्ट्री, चाकलेट, मीठा दूध, अल्कोहल युक्त पदार्थों और चाय आदि का सेवन न करें और भोजन में गेहूं, मक्का, ज्वार आदि अनाजों का सेवन अधिक करें।n धूम्रपान न करें क्योंकि यह रक्तवाहिनियों को नुक्सान पहुंचाता है। इसके सेवन से हृदय को पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिलती। धूम्रपान कोरोनरी हार्ट डिसीज का प्रमुख कारण है। सिगार, तम्बाकू, सिगरेट सभी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और इनसे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में मुंह व फेफड़ों का कैंसर ही नहीं, सांस लेने में तकलीफ, हृदयाघात व धमनियों की बीमारियां होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

– अल्कोहल का भी सेवन कम करें क्योंकि यह भी उच्च रक्तचाप का एक कारण है।

– हृदय के स्वास्थ्य के लिए शारीरिक श्रम बहुत जरूरी है इसलिए व्यायाम की आदत डालिए। व्यायाम रक्तवाहिनियों में रक्त को जमने से रोकता है। रक्तवाहिनियों का मार्ग अगर अवरुद्ध हो जाए तो इससे हृदयाघात व हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है।

– मधुमेह और उच्च रक्तचाप पर भी व्यायाम द्वारा नियंत्रण पाया जा सकता है। यही नहीं, व्यायाम करने से हमारे शरीर में होने वाली चयापचय क्रिया की दर में वृद्धि आती है जिससे अधिक कैलोरी नष्ट होती है व शरीर व वजन पर नियंत्रण रहता है।

– अगर आप तनावग्रस्त रहते हैं तो इसका प्रभाव भी हृदय पर बुरा पड़ता है इसलिए तनाव को दूर करने के लिए योग, ध्यान, संगीत, हंसी का सहारा लें और प्रसन्नचित्त रहने की कोशिश करें।

 

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