जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए होगा अब एक ही उच्च न्यायालय

high court

जम्मू : अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय होगा। यह जानकारी राज्य अकादमी के निदेशक राजीव गुप्ता ने रविवार को दी। उन्होंने कहा कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों पर 108 केंद्रीय कानून लागू होंगे, और 164 कानून हटा दिए जाएंगे। इसके अलावा यहां 166 कानून लागू रहेंगे।

संसद में जम्मू-कश्मीर पूनगर्ठन बिल पारित
इससे पहले संसद ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी थी और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने को लेकर विधेयक भी पारित कर दिया था। राज्य अकादमी के निदेशक राजीव गुप्ता ने जम्मू प्रांत के न्यायाधीशों के लिए आयोजित एक सत्र में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 का जम्मू-कश्मीर के कानूनों और लंबित मामलों पर क्या असर पड़ेगा, इसपर चर्चा की।

पहले की ही तरह होंगे प्रकिया और नियम
राजीव गुप्ता के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर विधानसभा गठित होगी लेकिन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं होगी क्योंकि ये सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधीन होगा। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों का एक ही उच्च न्यायालय होगा। इसके अलावा उच्‍च न्यायालय में वकालत के लिए नियम और प्रक्रियाएं पहली वाली ही रहेंगी।

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