शीर्ष न्यायालय ने जम्‍मू कश्मीर से प्रतिबंध हटाने से किया इनकार

SupremeCourt

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने जम्मू-कश्मीर को लेकर शीर्ष न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने मांग की थी कि कश्मीर मे लगे कर्फ्यू सहित फोन, इंटरनेट और चैनल पर लगे प्रतिबंध हटाये जाएं। इस मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि राज्य में प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे। इसपर सरकार ने जवाब दिया कि वहां के हालात बेहद संवेदनशील हैं इसलिए प्रतिबंध सभी के हित में है। सरकार के सफाई देने के बाद शीर्ष न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर से तत्काल प्रतिबंध हटाने के आदेश देने से इनकार कर दिया।

जल्द स्थिति पर काबू पाने की कोशिश : केंद्र

जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंध के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि हम वहां के हालात की प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। वहां न किसी की जान गई है ना ही खून की एक बूंद गिरी है। केंद्र ने कहा कि इसी तरह की स्थिति 2016 में भी थी तब वहां माहौल समान्य होने में तीन महीने का समय लगा था। सरकार की कोशिश है कि जल्‍द ही वहां की ‌स्थिति पर काबू पाया जा सके। इसके बाद शीर्ष न्यायालय ने सुनवाई दो हफ्ते के लिए यह कहते हुए टाल दी कि हम देखते हैं वहां क्या होता है।

पूनावाला ने बताया मौलिक अधिकारों का उल्लंघन

पूनावाला ने अपने याचिका मे शीर्ष न्यायालय से कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगे सारे प्रतिबंध समाप्त किए जाएं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे नेताओं को रिहा किया जाए। पूनावाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। वहां के जमीनी हकीकत को जानने के लिए न्यायालय एक आयोग का गठन करे।

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