स्कूलों की समयावधि बढ़ाने के खिलाफ राजभवन पर धरना देंगे शिक्षक

रांची : झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से स्कूलों की समयावधि बढ़ाने के फैसले के खिलाफ शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को रांची के सुखदेव नगर में शिक्षकों की प्रदेश स्तरीय बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि विभाग के निर्णय के लिए राज्य भर के शिक्षक 17 दिसंबर को राजभवन के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक संघ भवन में प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव गंगा प्रसाद यादव भी उपस्थित हुए। बैठक में सभी जिला के अध्यक्ष एवं सचिव भाग लिया। इस दौरान सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना का विरोध करने का फैसला हुआ। अधिसूचना में राज्य के विद्यालयों का समय पूर्वाहन 8:50 बजे से अपराहन 4:00 बजे तक किया गया है। इसे वापस लेने के लिए राज्यस्तरीय आंदोलन करने की घोषणा की गई। शिक्षकों ने कहा कि यह अधिसूचना शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी काला कानून साबित होगा। इससे शिक्षा व्यवस्था चौपट हो जाएगी। बच्चे विद्यालय से दूर भागने लगेंगे। जहां तक शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत शिक्षण दिवस एवं शिक्षण घंटों का सवाल है। झारखंड में पूर्व से ही उससे अधिक शिक्षण घंटे विद्यालयों में व्यतीत किए जा रहे हैं । प्राथमिक विद्यालय में 200 शिक्षण दिवस एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में 220 शिक्षण दिवसं की तुलना में झारखंड में प्रत्येक वर्ष लगभग 250 शिक्षण दिवस विद्यालय संचालित हो रहे हैं। तय किया गया कि संघ का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से मिलकर इस अधिसूचना को रद्द करने एवं अन्य शिक्षक समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद आगामी 17 दिसंबर 2021 को राज्यपाल के समक्ष प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक एक दिवसीय धरना देंगे। यदि राज्य सरकार नहीं मानती है तो जिलों में भी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

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