लहसुन की बनी चाय डायबिटीज करेगी कंट्रोल

कोलकाता : डायबिटीज यानी मधुमेह हमारे देश की सबसे प्रचलित बीमारियों में से एक है। आज-कल हर दूसरा आदमी डायबिटीज या ब्लड में बढ़ी हुई शुगर की मात्रा से परेशान है। ये बीमारी हमारी अनियमित लाइफस्टाइल, खान-पान की गड़बड़ी या फिर जेनेटिक कारणों से किसी भी उम्र में हो सकती है। आज हम आपको रोजमर्रा के खान-पान से जुड़े एक ऐसे उपचार के बारे में बताएंगे जो आपकी डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी असरदार है। इसके अलावा इसका सेवन न केवल आसान है बल्कि इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं हैं।

गार्लिक- टी कैसे करती है काम?

गार्लिक या लहसुन हर भारतीय किचन में आसानी से मिलने वाली सामग्री है। वैसे तो लहसुन का इस्तेमाल अधिकतर डिशेज में खाने का स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन लहसुन में कई औषधीय गुण और पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। लहसुन हमारी इम्युनिटी बढ़ाने, शरीर को डी-टॉक्स करने और पाचनतंत्र को मजबूत बनाने जैसे कई औषधीय काम भी करता है। इसी कारण लंबे समय से लहसुन का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में होता रहा है। अब तो आधुनिक चिकित्सा शोधों में भी लहसुन की मेडिसनल क्वालिटीज को स्वीकार किया गया है। इसके साथ ही दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लहसुन में डायबिटीज कंट्रोल करने का भी विशेष गुण मौजूद है। लहसुन हमारे शरीर में पाए जाने वाले ‘अमीनो एसिड होमोसिस्टीन’ को कम करता है जिससे खून में मौजूद शूगर की मात्रा नियंत्रित रहती है। लहसुन की एक कली रोज सुबह सेवन करने से डायबिटीज और हाई-ब्लड प्रेशर की समस्या को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। इसके इस्तेमाल का और असर का कारगर तरीका है ‘गार्लिक-टी’ या ‘लहसुन की चाय’।

कैसे बनाएं गार्लिकटी

लहसुन की एक या दो कलियों को छीलकर हल्का सा कुचल लें और इसे थोड़ी सी दालचीनी के साथ एक कप पानी में उबालें। पानी को तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा न हो जाए । गर्मा गरम गार्लिक-टी तैयार है।

गार्लिकटी के सेवन में रखेंये सावधानियां

गार्लिक-टी को बनाने वाली दोनों ही सामग्रियां लहसुन और दालचीनी शरीर में गर्मी पैदा करते हैं। इसलिए गर्मियों में रोज इसे पीने की सलाह नहीं दी जाती है। ब्लड-शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए गर्मियों में इसे सप्ताह में दो बार इसका सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा गार्लिक-टी के दूसरे और कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। बल्कि सर्दियों के मौसम में इसका सेवन विशेष रूप से फायदेमंद है। सर्दियों में शरीर की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने, सर्दी-खांसी दूर करने, ठण्ड से बचाव करने के लिए कोई भी इसका सेवन कर सकता है।

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