हाथरस मामला : हिंसा भड़काने की ‘साजिश’ की जांच एसटीएफ करेगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी एचसी अवस्थी ने हाथरस मामले के पीछे जातीय हिंसा भड़काने की कथित साजिश के मद्देनजर विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को जांच सौंप दी है। एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि एसटीएफ की एक टीम जल्द ही मौका-ए-वारदात पर जाकर तथ्य इकट्ठा करेगी।

अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ को अभी तक चार मुकदमे मिले हैं जिनमें से दो हाथरस में और एक-एक अलीगढ़ तथा मथुरा में दर्ज किया गया है। मथुरा में दर्ज मामला चार लोगों की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिनके पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के साथ कथित संबंध हैं। गौरतलब है कि हाथरस मामले को लेकर राजनीति तेज होने के बीच राज्य सरकार ने इस घटना के पीछे जातीय हिंसा की साजिश का आरोप लगाया था।

कुल 19 लोगों पर मुकदमा दर्ज
पुलिस ने इस सिलसिले में राज्य के विभिन्न जिलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ कुल 19 मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस ने जातीय हिंसा भड़काने की साजिश के मामले में केरल के एक पत्रकार सिद्दीक कप्पन समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मथुरा के माट थाने में देशद्रोह तथा अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था। याद दिलाते चलेें कि हाथरस जिले के एक गांव में गत 14 सितंबर को 19 साल की एक दलित लड़की से अगड़ी जाति के चार युवकों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था। बाद में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला बोला था जिसके बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था।

बता दें कि हाथरस प्रकरण में सीबीआई टीम की जांच जेल पर जा टिकी है। आज टीम फिर से अलीगढ़ पहुंची। दो अलग-अलग टीमों ने जेल पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की है। एक टीम ने तो मुख्य आरोपी समेत दो लोगों से पूछताछ की।

आरोपी की मां ने कहा – ‘चश्मदीद के दावे को बताया गलत’

सीबीआई की टीम इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर तरह के प्रयास कर रही है। इस बीच जेल में बंद चार आरोपियों में से एक आरोपी की मां का बयान सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हो गया है। इस बयान में घटना के चश्मदीद के रूप में सामने आए छोटू के उस बयान का खंडन करने की कोशिश की जा रही है जिसमें उसने कहा था कि 14 सितंबर को उसने खेत में चीखें सुनने की बात को स्वीकारा था। उसने कहा था कि चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर जब वो उस जगह पहुंचा तो पीड़िता लेटी हुई थी और उसकी मां और भाई उसके बगल में खड़े थे।

आरोपी की मां ने दावा किया है कि 14 सितंबर की घटना के बाद पीड़िता की मां ने ही उसे (पीड़िता) खोजा था और बाद में उसने छोटू (चश्मदीद) को आवाज देकर बुलाया था। वहीं चश्मदीद के भाई ने आरोपी की मां की बात का खण्डन कर उनपर झूठ बोलने का आरोप लगाया।

बताते चलें कि इस मामले में सीबीआई की टीम लगातार पीड़िता के परिवार, आरोपियों के परिवार और अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई की टीम अबतक कई बार मौका ए वारदात का दौरा कर चुकी है, जबकि पीड़िता के परिवार से घर पहुंचकर सवाल जवाब किए गए हैं। पीड़िता के परिवार को कैमरा और पुलिस सुरक्षा की निगरानी में रखा गया है।

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