धूम्रपान तनाव बढ़ाता है

अक्सर ऐसा कहा जाता है कि सिगरेट के धुएं में गम भी छूमंतर हो जाता है इसलिए कुछ लोग अपना गम दूर करने के लिए सिगरेट के नशे के शिकार हो जाते हैं पर विशेषज्ञों के अनुसार सिगरेट तनाव या थकावट दूर नहीं करती। ‘द अमेरिकन लंग एसोसिएशन’ के अनुसार धूम्रपान करने वाला व्यक्ति, धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति की अपेक्षा अधिक स्ट्रेस अनुभव करता है।
यही नहीं, ऐसे व्यक्ति नकारात्मक भावनाओं जैसे क्रोध, चिड़चिड़ापन आदि के भी शिकार होते हैं। जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं उनमें धूम्रपान के प्रभाव पुरुषों की अपेक्षा अधिक पाए गए। महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा अधिक तनाव, चिड़चिड़ापन व रोग पाए गए, इसलिए जो व्यक्ति यह समझते हैं कि वह अपने गम या तनाव को सिगरेट के धुएं में उड़ा देंगे, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि यह धुआं उनके वजूद को ही खत्म कर सकता है।
दौड़िए और हड्डियां मजबूत बनाइये

विशेषज्ञों ने अपने एक शोध के दौरान पाया कि जो बच्चे अधिक दौड़ते हैं या ऐसे खेल खेलते हैं जिनमें दौड़ शामिल हो तो उनकी हडिड्यां मजबूत बनती हैं। जो बच्चे दौड़ने वाले खेलों में हिस्सा नहीं लेते, उनकी हडिड्यों का घनत्व कम पाया गया। इस शोध के विशेषज्ञ व ऑर्थोपेडिस्ट बर्नड वुऐनसचे ने एथलीट्स, फुटबाल खिलाड़ी व अन्य एक्टिव स्पोटर्स के 200 से अधिक टीनएजर्स की बोन डेन्सिटी का अध्ययन किया और उन टीनएजर्स की बोन डेन्सिटी से तुलना की जो अधिक एक्टिव स्पोटर्स नहीं खेलते थे। जो बच्चे जूडो या कुश्ती करते थे, उनकी हड्डियों का घनत्व लगभग सामान्य ही पाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार दौड़ते समय शरीर का भार विभिन्न अंगों पर पड़ता है इसी कारण से हड्डियां मजबूत बनती हैं।
रसीले फल एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत

आस्ट्रेलिया में हुए एक शोध के अनुसार प्रतिदिन एक संतरेका सेवन कई प्रकार के कैंसर की संभावनाओं को कम करता है। द कॉमनवेल्थ साइटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च आरगनाइजेशन ने इस शोध में पाया कि रसीले फलों के सेवन से मुंह व पेट के कैंसर होने की संभावना कम होती है। यही नहीं, इनका सेवन पक्षाघात की संभावना को भी कम करता है। इन फलों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट इसका कारण हैं। साथ ही ये फल प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं जिससे टयूमर पनपने से सुरक्षा मिलती है। इस शोध के विशेषज्ञ कैटरीन के अनुसार रसीले फलों का सेवन हृदय रोगों, मोटापे आदि से भी सुरक्षा देता है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

sanitizer

मतगणना केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल को लेकर आयोग सख्त

विशेष सैनिटाइजेशन के साथ ही काउंटिंग टेबल पर भी सोशल डिस्टेंसिंग सन्मार्ग संवाददाता कोलकाताः राज्य में छठवें चरण का मतदान 22 अप्रैल को है। वहीं इसके बाद आगे पढ़ें »

बड़ाबाजार के अस्पतालों में कोविड बेड फुल, इलाज हुआ मुश्किल

अस्पतालों में रोजाना ही पहुंच रहे दर्जनों कोविड मरीज सन्मार्ग संवाददाता कोलकाताः महानगर के बड़ाबाजार व आस-पास के इलाकों में हाल के दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण आगे पढ़ें »

ऊपर