गरम पानी कितना पीना चाहिए, कहीं गले और फेफड़ों को तो नहीं पहुंचा रहे नुकसान

कोलकाता : कोरोना महामारी के दौरान लोग गरम पानी पी रहे हैं। आयुर्वेद में इस बात का जिक्र है कि गरम पानी पीने से गले में रोग फैलाने वाले जीवाणुओं का नाश होता है। कोरोना के दौरान भी सलाह दी जा रही है कि गले में खराश हो, जुकाम महसूस हो तो गरम पानी पी सकते हैं। इससे वायरस नष्ट होता है और वह अधमरा होकर पेट में चला जाता है। पेट में एसिड वायरस को पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। लेकिन सवाल है कि कितना गरम पानी पीना चाहिए, इसकी मात्रा क्या हो और इससे होने वाले नुकसान क्या हैं।
पाचन तंत्र को नुकसान
होंठ और गले से नीचे उतरने के बाद अत्यधिक गरम पानी पाचन तंत्र और पेट से जुड़े अंगों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। जो गरम पानी उंगली पर या हथेली पर बर्दाश्त नहीं हो रही, वह पेट की नलियों और पाचन सिस्टम में कैसे बर्दाश्त हो पाएगी। वजह है कि पाचन तत्र की अंदर लाइनिंग, पूरा टिश्यू सिस्टम बेहद नरम होता है जो ज्यादा गरम पानी को नहीं झेल पाएगा। अंदर-अंदर जख्म भी बन सकते हैं और बेहद मुश्किल परिस्थितियों में अल्सर होने का खतरा पैदा हो सकता है।
दिमाग पर भी असर!
कुछ रिसर्च में यह पता चला है कि प्यास लगने पर हमें पानी पीना चाहिए। उस वक्त हमें निर्णय लेना है कि शरीर में ठंडे पानी की मांग है या गरम। सर्दी के दिनों में गरम पानी पी लें तो चलेगा लेकिन जब बाहर का तापमान ज्यादा हो तो पानी का असर बुरा हो सकता है। यह भी पाया गया है कि ज्यादा गरम पानी पीने से दिमाग की नसें सूज सकती हैं जिससे आगे चलकर गंभीर बीमारी पैदा होने की आशंका होती है। कुछ लोगों में देखा गया है कि रात में सोने से पहले गरम पानी पी लिया तो नींद के पैटर्न में बदलाव आने लगता है। ज्यादा गरम पानी नींद मंगाने या लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है।
किडनी पर प्रभाव
ज्यादा गरम पानी से किडनी पर भी दुष्प्रभाव हो सकता है। किडनी में कुछ खास कैपिलरी सिस्टम होता है जो शरीर में पानी की ज्यादा मात्रा को बाहर निकालता है। यह पेशाब या पसीने के रूप में भी हो सकता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा पानी पीने से किडनी ज्यादा पानी शरीर से निकालेगा और हमारा शरीर अंदर से ज्यादा साफ-स्वच्छ बनेगा। किडनी की भी लिमिट होती है कि वह कितना पानी फ्लश कर सकता है। अत्यधिक पानी किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह बात गरम पानी के साथ भी लागू होती है।
सर्कुलेशन सिस्टम पर दबाव
ज्यादा गरम पानी का असर हार्ट और सर्कुलेशन सिस्टम पर भी देखा जा सकता है। ज्यादा गरम पानी को शरीर के अंदर सामान्य तापमान पर लाने के लिए सभी अंगों को एक्सट्रा काम करना पड़ता है। इससे खून की नलियों और यहां तक कि हार्ट पर भी दबाव बनता है। अत्यधिक पानी शरीर के सेल में सूजन पैदा कर सकते हैं जिससे कई और परेशानी होने का डर है। दिमाग के सेल में भी सूजन होने की आशंका पैदा होती है जिससे सिरदर्द जैसी समस्या पैदा हो सकती है। ज्यादा गरम पानी दिमाग और सर्कुलेशन सिस्टम पर दबाव डालता है जिससे जुड़ी कई परेशानियां शरीर में देखी जा सकती हैं।

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