इन 5 मौकों पर घर में कभी नहीं बनानी चाहिए रोटी, टूट पड़ता है दुखों का पहाड़

कोलकाता : आपने एकादशी पर अक्षत यानी चावल न बनाने के शास्त्रीय नियमों के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि 5 ऐसे मौके भी आते हैं, जिसमें हमें भूलकर भी घर में रोटी नहीं बनानी चाहिए। ऐसा न करने पर धन-धान्य की देवी मां अन्नपूर्णा रूठकर चली जाती हैं और परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाती है। आज हम आपको उन 5 दिनों के बारे में बताते हैं, जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए।
शरद पूर्णिमा
शास्त्रों के मुताबिक शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं में दक्ष होता है। उस दिन शाम के समय खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखी जाती है अगले दिन उसका सेवन किया जाता है। इस दिन घर में रोटी बनाना वर्जित होता है और ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
शीतलाष्टमी
शीतला अष्टमी पर माता शीतला देवी की पूजा की जाती है। उस दिन शीतला माता को बासी खाने का भोग लगाया जाता है। इस भोग के बाद बचे हुए बासी खाने को प्रसाद के रूप में खुद खाया जाता है। इस दिन घर में रोटी समेत कोई भी ताजा भोजन बनाने की मनाही होती है।
मृत्यु होने पर
पुराणों के मुताबिक जब किसी घर में मृत्यु हो जाए तो उस दिन वहां पर भूलकर भी रोटी या अन्य भोजन नहीं बनाया जाना चाहिए। कहा जाता है कि 13वीं संस्कार होने के बाद ही घर में रोटियां बनाई जानी चाहिए। उससे पहले रोटी बनाने पर अशुभ परिणाम भोगने पड़ते हैं।
मां लक्ष्मी के त्योहार
सनातन धर्म में कहा गया है कि दिवाली समेत मां लक्ष्मी से जुड़े त्योहार आने पर घर में रोटी नहीं बल्कि पकवान बनाए जाने चाहिए। इस दिन पूरी-हलवा सब्जी बनाकर सेवन करना चाहिए। अगर आप उस दिन भी रोटी बनाते हैं तो माना जाता है कि आपको मां लक्ष्मी के आगमन की खुशी नहीं हुई है।
नागपंचमी
नाग पंचमी के दिन अपने घर की रसोई में चूल्हे पर तवा रखना और रोटी बनाना वर्जित माना गया है। शास्त्रों के मुताबिक तवे को नाग के फन का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नागपंचमी के दिन चूल्हे पर तवा रखने की मनाही की गई है। इसके बजाय आप पतीले में उस दिन कोई और व्यंजन बना सकते हैं।

 

Visited 205 times, 1 visit(s) today
शेयर करें

मुख्य समाचार

Jammu Kashmir: जम्मू का नौसेना कर्मी जहाज से लापता, परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की

जम्मू : नौसेना कर्मी साहिल वर्मा मुंबई में भारतीय नौसेना के एक जहाज से लापता हो गए। साहिल वर्मा जम्मू के घो मन्हासा के रहने आगे पढ़ें »

अब 4 दिन बाद ही मेट्रो से कर सकेंगे हावड़ा मैदान से रूबी तक का सफर

एक नजर हावड़ा मेट्रो से किराये पर (मेट्रो सूत्रों के अनुसार ) हावड़ा मैदान तक के लिए किराया 5 रुपये होगा। दक्षिणेश्वर, बारानगर और नोआपाड़ा : 30 आगे पढ़ें »

ऊपर
error: Content is protected !!