महाराष्ट्र के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव अभियान पूरा, अब राहत कार्य पर ध्यान

Rescue operations complete in flood-hit areas of Maharashtra, now focus on relief work

कोल्हापुर : पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ का पानी घटने लगा है इसी के साथ वहां बचाव अभियान पूरा हुआ। अब जिला प्रशासन बारिश के प्रकोप से प्रभावित लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों जिलों में बचाव अभियान खत्म हो गया है एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है। वहीं बाढ़ के पानी में डूबे मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-4) को आंशिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया है। फिलहाल धीमी गति से वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई है।

वाहनों को मिली यातायात की अनुमति

बाढ़ के प्रभाव का आकलन कर रहे अधिकारियों ने कहा कि दोनों जिलों में बचाव अभियान खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए उन्होंने नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है। कोल्हापुर के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संजय शिंदे ने कहा कि मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-4) पिछले सप्ताह बाढ़ के पानी में डूबा हुआ था। अब बाढ़ का पानी घटने के बाद सोमवार को यह राजमार्ग आंशिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया है और धीमी गति से वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई।

सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे ये जिले

राज्य के कोंकण और पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश के कारण कोल्हापुर और सांगली जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां पिछले 9 दिनों में जलप्रलय में 43 लोगों की मौत हो गई। शिंदे ने कहा, ‘‘कोल्हापुर में बचाव अभियान पूरा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग खुला है और यातायात की गति धीमी है। पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। बिजली और फोन संपर्क बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।’’

वित्तीय राहत वितरण प्रक्रिया भी हुई शुरू

उन्होंने कहा, ‘‘पहला चरण, बाढ़ प्रभावित लोगों को बचाने और निकालने के लिए था, जो अब खत्म हो गया है। दूसरा चरण राहत सामग्री प्रदान करने का है, जो वर्तमान में चल रहा है।’’ शिंदे ने कहा, ‘‘नुकसान का आकलन करने का तीसरा चरण भी शुरू हो गया है। हमने लोगों को वित्तीय राहत वितरित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।’’

160 शिविरों में पहुंचाई गई राहत सामग्री

सांगली के कलेक्टर अभिजीत चौधरी ने भी कहा कि उनके जिले में बचाव अभियान पूरा हो गया है और उनका मुख्य ध्यान लोगों को आवश्यक राहत आपूर्ति प्रदान करने पर है। उन्होंने कहा, ‘‘जिले में स्थापित 160 शिविरों में लोगों को राहत सामग्री प्रदान की जा रही है। साथ ही हम नुकसान का आकलन भी कर रहे हैं।’’

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