आज से पितृपक्ष आरंभ, अगले 15 दिन भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन

कोलकाता : पितृपक्ष ऐसा समय है जब हम अपने पूर्वजों का प्रसन्न कर सकते हैं। हालांकि, इस दौरान कई बातों का विशेष रूप से ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। पितृपक्ष में कुछ चीजों का सेवन करना वर्जित माना गया है। तो आइए जानते हैं श्राद्ध में किन चीजों का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। सबसे पहले तो इस बात का ख्याल रखें की जो व्यक्ति श्राद्ध क्रिया करता है उसे बाहर के बने खाना के सेवन नहीं करना चाहिए। उस व्यक्ति को 15 दिनों तक सात्विक भोजन ही करना चाहिए। दरअसल, धार्मिक दृष्टि से बाहर का खाना अशुद्ध माना जाता है। व्यवहारिक दृष्टि से देखा जाए तो बाहर के खाने में किस तरह से बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है इसकी हमें कोई जानकारी नहीं होती है ऐसे में आप बीमार हो सकते हैं और श्राद्ध क्रिया को पूरी श्रद्धा के साथ नहीं निभा पायेगे।
पितृपक्ष में इन चीजों का भूलकर भी न करें सेवन
– शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान मूली और गाजर का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, मूली और गाजर को अशुद्ध माना जाता है। पूजा पाठ में इनका इस्तेमाल भी वर्जित है दरअसल, इस सब्जियों का संबंध राहु से होता है।
– पक्का चावल जिसे उसना भी कहा जाता है इसका सेवन भी पितृपक्ष में वर्जित माना गया है। पूजा पाठ के काम में अरवा चावल का इस्तेमाल किया जाता है जिसे कच्चे चावल के नाम से भी जाना जाता है। इसका सेवन आप कर सकते हैं।
– पितृपक्ष में मसूर की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, ऐसा करना अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में मसूर दाल का संबंध मंगल से माना गया है और मंगल क्रोध का कारक है। इसलिए मसूर दाल का सेवन पितृपक्ष में मना किया गया है।
– शास्त्रों में अरबी का सेवन भी पितृपक्ष में वर्जित माना गया है। इसलिए इस दौरान अरबी और करेला को सेवन भूलकर भी न करें। वरना आपके पितृ आपसे नाराज हो सकते हैं।

 

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