हर दाना पिंपल नहीं होता बल्कि हो सकता है बिमारियों का संकेत

कोलकाता: कहते है कि हमारे शरीर के अंदर कुछ भी गड़बड़ होती है तो वह हमारे स्कीन पर दाने तथा पिंपलस आदि के रुप में दिखने लगता है और हम उन्हें मामूली समझकर छोड़ देते है।अगर आपके चेहरे पर भी लंबे वक्त से दाने निकल रहे हैं तो आपको तुरंत अलर्ट हो जाना चाहिए क्योंकि ये किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में वातावरण, गर्मी, प्रदूषण और खानपान की वजह से करोड़ों लोग त्वचा संबंधी बीमारियों से परेशान रहते हैं। इनमें एक्ने सबसे आम समस्या है। लेकिन कई मामलों में ऐसा किसी गंभीर बीमारी की वजह से भी हो सकता है। चेहरे पर दाने चिकनपॉक्स, मंकीपॉक्स के अलावा मिलिया और रोसैशिया जैसी बीमारियों की वजह से भी हो सकता है। इसके अलावा इसकी वजह स्किन कैंसर भी हो सकता है। ऐसी कई वजह हैं जिसके कारण चेहरे पर दाने पड़ते हैं जो देखने में बिलकुल पिंपल की तरह ही होते हैं। आईए जानते है…

एलर्जी
कुछ उत्पाद त्वचा के रोम छिद्रों को बंद कर देते हैं जिससे मुँहासे पैदा होते हैं लेकिन कई बार किसी तरह की दवा लेने पर भी त्वचा पर दाने या चकत्ते पड़ जाते हैं जो मुँहासे की तरह दिखते हैं। इसमें कई बार खुजली और हल्का दर्द भी हो सकता है। सेंसिटिव स्किन और जल्दी-जल्दी एलर्जी का शिकार होने वाले लोगों को मेकअप, केमिकल और खुशबू वाले स्किन प्रॉ़क्ट्स का इस्तेमाल से बचना चाहिए।

चिकनपॉक्स
चिकनपॉक्स में भी चेहरे पर लाल रंग के दाने पड़ते हैं जो पूरी तरह मुंहासों की तरह ही दिखते हैं। चिकनपॉक्स एक आम संक्रमण है जो वैरिसेला-जोस्टर वायरस की वजह से होता है। वायरस के संपर्क में आने के लगभग 10 से 20 दिनों में ये लक्षण दिखने लगता है और ये चेहरे के साथ ही पूरे शरीर में हो सकता है। इसमें काफी खुजली होती है और व्यक्ति को कई बार बुखार भी हो जाता है। इस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है।

मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है। इसमें शरीर के कई हिस्सों पर बड़े-बड़े दाने पड़ते हैं जिसमें मवाद भरा होता है। इससे पीड़ित मरीजों को खुजली और दर्द झेलना पड़ता है। ये बीमारी आमतौर पर मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में होती है लेकिन इस समय ये भारत में भी फैल रही है। मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों में फ्लू थकावट और शरीर में दर्द हो सकता है लेकिन इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्किन कैंसर
कुछ प्रकार के त्वचा के कैंसर में शुरुआती लक्षण पिंपल्स की तरह दिख सकते हैं। बेसल सेल कार्सिनोमा सबसे आम त्वचा का कैंसर है जो मुंहासे की तरह दिखता है। पिंपल आमतौर पर एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं लेकिन इस स्थिति में ये दाने कई महीनों तक रहते हैं। इस स्थिति में अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करना जरूरी है क्योंकि इसकी पहचान के लिए बायोप्सी की जाती है। अच्छी बात ये है कि इस तरह के स्किन कैंसर ज्यादा खतरनाक नहीं होता और बेहद कम मामलों में ये जानलेवा होता है। इसका शरीर में फैलने का रिस्क जीरो है। ये सिर्फ आसपास की त्वचा के ऊतकों को नुकसान पहुँचाता है। इसके इलाज के लिए प्रभावित जगह पर सर्जरी की जाती है। ये जानलेवा नहीं है लेकिन बहुत लंबे समय तक इसका इलाज नहीं किया जाता है तो ये खतरनाक हो सकता है। ऐसे में लंबे समय तक अगर त्वचा पर इस तरह के लक्षण दिखते हैं तो तुरंत इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए।

मिलिया (आंखों के आसपास होने वाले पीले रंग के दाने)
आंखों के आसपास पीले, उभरने वाले बेहद महीन दाने मिलिया नाम की स्किन कंडीशन की वजह से हो सकते हैं। मिलिया चेहरे पर व्हाइटहेड्स की तरह दिखते हैं लेकिन वास्तव में ये छोटे केराटिन सिस्ट होते हैं जो पोर में बनते हैं। ये स्किन के नीचे पनपते हैं और ये महीनों तक रह सकते हैं। ये किसी तरह का नुकसान नहीं पहुँचाते लेकिन चेहरे की सुंदरता को खराब करते हैं जिस वजह से लोग इनसे छुटकारा पाने के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट सुई की तरह दिखने वाले उपकरण की मदद से उसमें छेद कर उसे खत्म कर देते हैं। कई केमकिल और रेटेनॉइड्स से भी इनसे छुटकारा पाया जा सकता है।

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