पीडीपी सांसद ने गृह मंत्री को लिखा पत्र, राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग की

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नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में एक समय भाजपा की सहयोगी रह चुकी पीडीपी ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग की। साथ ही कहा कि कश्मीर घाटी में लोगों के मन में बैठे डर का समाधान होना चाहिए। पीडीपी के राज्यसभा सदस्य मोहम्मद फैयाज मीर ने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अत्यधिक कठोर संचार पाबंदियों के चलते पीड़ा सह रहे हैं और इससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

मीर ने मांगी इनकी राजनीतिक बंदियों रिहायी

मीर ने कहा कि ‘ये बेहद बुनियादी बात है कि भारत सरकार के उच्चतम अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर के लोगों तक पहुंचना चाहिए और अनिश्चितता, नेतृत्वहीनता और लगातार बंदी से संबंधित उनके सवालों का समाधान करना चाहिए।’ पीडीपी नेता ने 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों, पार्टी कार्यकर्ताओं सहित सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग भी की। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने और राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला हिरासत में हैं।

बंदियों के साथ हो रहा अपमानजनक व्यवहार

मीर ने हिरासत में लिए गए नेताओं को हाल में नए उप-जेल में भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ‘उनके साथ बेहद अपमानजनक और नीचा दिखाने वाले तरीके से व्यवहार किया गया। वे नजरबंदी के दौरान बेहद डरावनी स्थिति में रह रहे हैं। मीर ने कहा कि कश्मीर घाटी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी है कि इन नेताओं को रिहा किया जाए।

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