पाक नेता बिलावल ने दिया बयान, अब कश्मीर नहीं मुजफ्फराबाद बचाना भी है मुश्किल

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इस्लामाबाद : कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पूरी दुनिया में समर्थन के लिए घूम रहे है। लेकिन एक भी देश उनके पक्ष में खड़ा नजर नहीं आ रहा है। वहीं कश्मीर को लेकर पाकिस्तान में नेता से लेकर आमजन तक इमरान की आलोचना कर रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने मंगलवार को कश्मीर मसले पर इमरान खान को नाकाम बताया है। बिलावल ने पाकिस्तान में मीडिया से कहा कि पहले हम भारत को धमकी देते थे कि हम उससे कश्मीर छीन लेंगे, लेकिन इस नाकाम सरकार के चलते अब हमारे हालात ये हो गए हैं कि हमें मुजफ्फराबाद बचाने के लाले पड़ गए हैं।

इमरान खान और फौज पर कसा तंज

पीपीपी चेयरमैन ने एक बार फिर प्रधानमंत्री इमरान और उनकी फौज पर तंज कसते हुए कहा कि इमरान खान इलेक्टेड (जनता द्वारा चुना हुआ) नहीं सिलेक्टेड (फौज द्वारा चुना हुआ) प्रधानमंत्री हैं और मुल्क की जनता अब सिलेक्टेड और सिलेक्टर्स से जवाब मांग रही है। आगे उन्होंने कहा कि पहले हमारी कश्मीर नीति क्या होती थी? हम योजना बनाते थे कि कैसे श्रीनगर को लिया जाए? लेकिन अब सिलेक्टेड प्रधानमंत्री इमरान खान के वजह से यह हालात बन गए हैं कि हमें सोचना पड़ रहा है कि हम भारत से मुजफ्फराबाद कैसे बचाएंगे?

देश की बर्बादी की वजह है इमरान

इस्लामाबाद में पार्टी के मुख्य बैठक के दौरान मीडिया के समक्ष बिलावल ने कहा कि “अब ये बात बिल्कुल साफ हो गई है कि वर्तमान सरकार जितनी नाकाम साबित हुई है, पहले की कोई भी सरकार इस कदर नाकाम नहीं हुई। आपने (इमरान खान ) लोकतंत्र के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसे हमने बर्दाश्त कर लिया। आपने देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी, हमने उसे भी बर्दाश्त कर लिया। आप केवल सोते रहे और जब जागे विरोधियों को दबाने के लिए तब तक मोदी ने कश्मीर छीन लिया। भुट्टो ने आगे कहा कि हमारी विदेश नीति क्या है? हमारी आर्थिक नीति क्या है? ये उस सब का नतीजा होता है जब एक सिलेक्टेड (फौज) एक आदमी को सिलेक्ट (इमरान) कर प्रधानमंत्री के पद पर बैठाती है। यह सिलेक्टेड व्यक्ति केवल अपने सिलेक्टर्स को खुश करने के लिए देश को तबाह कर देता है।”

इमरान सरकार हुई है नाकाम

बिलावल ने इमरान पर हमला करते हुए कहा कि देश की जनता महंगाई की सुनामी में डूब रही है। कश्मीर भी हमारे हाथों से निकल गया। अब यहां सवाल यह उठता है कि हम किसे दोषी ठहराएं? सिलेक्टेड व्यक्ति को या सिलेक्टर्स को? देश में कोई भी क्षेत्र देख लीजिए। हर जगह कठपुतली (इमरान) नाकाम हुई है। अब हम दोनों से हिसाब लेंगे। बता दें कि मुजफ्फराबाद पाक-अधिकृत कश्मीर के आजाद कश्मीर क्षेत्र की राजधानी और मुख्यालय है। यह शहर मुजफ्फराबाद जिले का भाग है और झेलम व किशनगंगा (जिसे पाकिस्तान में नाम बदलकर अब ‘नीलम नदी’ कहते हैं ) नदियों के किनारे बसा है।

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