दिल्ली में बिजली चोरी के लिए पिछले 18 महीने में 2500 से ज्यादा गिरफ्तार

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नई दिल्ली : बिजली चोरी के खिलाफ अभियान के तहत दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने पिछले डेढ़ साल में 5500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की और इस मामले में 2500 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है। डिस्कॉम सूत्रों ने बताया कि शिकायतों के आधार पर 4500 से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की गयीं और इस अवधि में 200 से अधिक लोगों को दोषी करार दिया गया। दिल्ली में 3 बिजली कंपनी-बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल), बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और टाटा पावर डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) 60 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराती है।

2500 से ज्यादा लोग हुए गिरफ्तार

बिजली कंपनी के एक सूत्र ने बताया कि दिल्ली में पिछले 18 महीने में बिजली चोरी की 5500 शिकायतों के बाद 4500 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयी। इन मामलों में 2500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 200 से अधिक लोगों को दोषी ठहराया गया। बिजली चोरी के मामले में भारी जुर्माने और 5 साल तक जेल की सजा का प्रावधान है।

21 संपत्तियों को जब्त करने का निर्देश

इस साल अगस्त-सितंबर में कड़कड़डूमा की विशेष बिजली अदालत ने बिजली चोरी मामले में पूर्वी दिल्ली में 21 संपत्तियों को जब्त (और सीलिंग) करने का निर्देश दिया था। एक सूत्र ने बताया कि अनुमान के मुताबिक बिजली चोरी से दिल्ली की बिजली कंपनियों को सालाना 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होता है। उन्होंने बताया कि उत्तरी, पश्चिमी और मध्य दिल्ली में दर्जनों क्षेत्र हैं जहां 25-40 प्रतिशत के बीच नुकसान होता है। बिजली कंपनियां उन इलाकों में बिजली चोरी पर लगाम लगाने में चुनौती का सामना कर रही हैं, जहां पर कई बार निरीक्षण दलों पर हमले की घटनाएं हुई हैं।

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