बुलेट ट्रेन के मार्ग में आने वाले 60 हजार पेड़ो में से 25 हजार होंगे प्रत्यारोपण

Bullet train

अहमदाबाद : अहमदाबाद और मुबंई के बीच चलने वाली भारतीय रेलवे की सबसे महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट बुलेट ट्रैन के रास्ते में पड़ने वाले पेड़ों की वजह से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की ओर से उन्हें काटे जाने पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि ट्रैन के मार्ग में लगभग 60,000 वृक्ष आते हैं। वहीं एक तरफ अच्छी खबर यह आई है कि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एनएचआरसीएल) ने इन 60,000 पेड़ो में से 25,000 पेड़ो का प्रत्यारोपण कराने की जिम्मेदारी ली है। इसका अर्थ है कि इन पेड़ो को एक तकनीक के सहारे उनके मूल जगह से हटाकर दूसरी स्‍थान पर ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि इसके तहत अहमदाबाद में 4000 वृक्षाें को प्रत्यारोपण किया जाएगा जिनमे से 134 पेड़ों को पहले ही प्रत्यारोपण किया जा चुका है। इन 134 वृक्षों को साबरमती और वटवा इलाके में भेजा गया है।

हर वृक्ष के बदले लगाऐ जाऐंगे 10 नए पौधे

जानकारी के मुताबिक जितने भी पेड़ काटे जाएंगे उसमे से हर एक पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएंगे। वृक्षाराेपण के इस कार्य के लिए एनएचआरसीएल की ओर से स्‍थानीय प्रशासन को 25,000 रुपए भी दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक प्रत्यारोपण हो सके। अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिकरण का काम पूरा हो जाने के बाद वृक्षों को हटाया जाएगा। इसके साथ ही इस जिले में रहने वाले किसानों की जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के लिए हामी भर दी गई है। पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाने का फैसला लिया है। अन्य वृक्षों को भी बचाने की पूरी प्रयास की जाएगी।

बता दें कि वृक्षारोपण के लिए कंपनी नयी विशेष मशीन का इस्तेमाल करेगी जिसकी खरीदारी पूरी हो चुकी है। इस नयी तकनीक की मदद से पेड़ों को उनकी जड़ो से निकालकर अन्य जगहों पर स्‍‌थापित किया जाएगा।

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