कर्नाटक मुद्दे पर लोकसभा में मचा हंगामा, विपक्षी दलों ने किया वॉक आउट

Karnataka issue, ruckus in Lok Sabha, walk-out of opposition parties

बेंगलुरु : कर्नाटक में जारी सियासी धमासान को लेकर लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस और और विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर कुमारस्वामी सरकार को गिराने का आरोप लगाते हुए सदन से वाक आउट किया। मालूम हो कि पिछले एक पखवारे से कर्नाटक मंत्रिमंडल के विधायकों के इस्तीफे के बाद वहां राजनीतिक संकट उत्पन्न हो गया है। एक ओर राज्य में कांग्रेस और जेडीएस (जनता दल सेकुलर) गठबंधन के लिए सरकार बचाना मुश्किल हो गया है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी लगातार सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने को आतुर है।

विपक्ष्‍ा के सदस्यों ने लगाये नारे

लोकसभा में शुक्रवार को सवालों और जवाबों के बीच कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, और द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) के सदस्यों ने कर्नाटक के विषय पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया और अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंचकर ‘कर्नाटक में लोकतंत्र बचाओ’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। उन्होंने हाथों में नारे लिखी हुई पर्चियां भी ले रखी थीं। साथ ही सदन में बसपा (बहुजन समाज पार्टी) के नेता कुंवर दानिश अली ने सत्तापक्ष पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया जिसका भाजपा सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। बाद में अली भी सदन से वाक आउट कर गए।

सरकार गिराने की रची जा रही साजिश

लोकसभा में हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा ‘‘सदन के सदस्यों ने ही सहमति बनाई है कि राज्यों के विषय यहां नहीं उठने चाहिए और यह (कर्नाटक का मामला) राज्य का विषय है, लेकिन मैं कांग्रेस के नेता को शून्यकाल में कर्नाटक के विषय पर अपनी बातें रखने का मौका दूंगा।’’ लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान पर शून्यकाल में कर्नाटक का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा विभिन्न राज्यों में विरोधी दलों की चुनी हुई सरकारों को गिराने की साजिश रच रही है। साथ ही राज्यपाल को शिकंजे में लेते हुए कहा कि राज्यपाल वजुभाई वाला विधानसभा अध्यक्ष के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। बता दें विपक्ष के इस बयान पर भाजपा के सदस्यों ने भी हंगामा किया और फिर सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

गौरतलब है ‌कि कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा पेश किए गए विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिये स्थगित कर दी गई। शुक्रवार को राज्यपाल ने करीब डेढ़ बजे से पहले कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए कहा है।

बता दें राज्यपाल ने बताया कि 15 सत्तारूढ़ विधायकों के इस्तीफे और 2 निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से ऐसा प्रतीत हो रहा है की सदन में कुमारस्वामी ने विश्वास खो दिया है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

chidambaram

चिदंबरम हो सकते हैं गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग आगे पढ़ें »

सोने का भाव बढ़कर नये रिकार्ड पर पहुंचा

नयी दिल्लीः आभूषण कारोबारियों की सतत लिवाली से वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के बावजूद दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने का भाव आगे पढ़ें »

ऊपर