धूम-धाम से मनाए जा रहा है ओणम पर्व, पढ़ें इससे जुड़ी कुछ खास बातें

कोलकाता: ओणम केरल का एक प्रमुख त्योहार है। ओणम का उत्सव चिंगम मास में भगवान वामन की जयन्ती और राजा बलि के स्वागत में प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है जो दस दिनों तक चलता है। उत्सव त्रिक्काकरा केरल के एक मात्र वामन मन्दिर से प्रारम्भ होता है। ओणम में प्रत्येक घर के आँगन में फूलों की पंखुड़ियों से सुन्दर सुन्दर रंगोलिया डाली जाती हैं। युवतियां उन रंगोलियों के चारों ओर वृत्त बनाकर उल्लास पूर्वक नृत्य करती हैं। इस पूकलम का प्रारम्भिक स्वरुप पहले तो छोटा होता है परन्तु नित्य इसमें एक और वृत्त फूलों का बढ़ा दिया जाता है। ऐसे बढ़ते बढ़ते दसवें दिन यह पूकलम वृहत आकार धारण कर लेता है। इस पूकलम के बीच त्रिक्काकरप्पन (वामन अवतार में विष्णु), राजा बलि तथा उसके अंग-रक्षकों की प्रतिष्ठा होती है जो कच्ची मिटटी से बनायीं जाती है। ओणम में नौका दौड़ जैसे खेलों का आयोजन भी होता है। ओणम एक सम्पूर्णता से भरा हुआ त्योहार है जो सभी के घरों को सुखों से भर देता है।

ओणम से जुड़ी कुछ खास बातें

-खुशी एवं उमंग से भरे इस पावन पर्व को महिलाएं पारंपरिक तिरुवथिरा कलि नृत्य करते मनाती हैं। इस दिन कथकली नृत्‍य का विशेष रूप से आयोजन किया जाता है।

– ओणम के मौके पर केरल में हर साल नौका दौड़ आयोजित की जाती है, जिसे देखने के लिए लोग देश-विदेश से पहुंचते हैं।

– ओणम के पावन पर्व पर केरल में तमाम तरह के खेल और प्रतियोगिताएं होती हैं।

– ओणम के पर्व पर लोग अपने घर में तमाम तरह के पकवान बनाते हैं, जिसे ‘ओणम साद्या’ कहते हैं। इसमें चड़ी,रसम, पुलीसेरी, खीर समेत कई प्रकार के स्वादिष्ट व्‍यंजन शामिल होते हैं।

– दस दिनों तक धूम-धाम से मनाए जाने वाले ओणम पर्व पर घर-आंगन आदि जगह पर लोग रंगोली बनाते हैं।

– केरल के लोगों को ओणम पर्व पूरे साल इंतजार रहता है। इस दिन हाथियों को विशेष रूप से सजाकर लोगों के सामने प्रस्‍तुत किया जाता है।

– मान्‍यता है कि थिरुवोणम वाले दिन राज बलि अपनी प्रजा से मिलने के लिए आते हैं, जिनके स्‍वागत के लिए लोग अपने घरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाते हैं।

– ओणम का पावन पर्व भगवान विष्णु के वामन रूप में अवतार लेने और राजा बलि के धरती पर हर साल आगमन से जुड़ी मान्‍यता को लेकर मनाया जाता है।

– यह हर साल चिंगम माह में जिस दिन थिरुवोणम नक्षत्र प्रबल होता है, उस दिन मनाया जाता है।

– ओणम दक्षिण भारत में मनाया जाना वाला पावन पर्व है जो मलयालम सौर कैलेण्डर पर आधारित होता है।

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