कचरे में फेंक दी गई नवजात बेटी, बन गई विदेशी

नीमच (मध्यप्रदेश) : मध्य प्रदेश के नीमच में जन्म के तुरंत बाद माता-पिता द्वारा कचरे के ढेर में फेंक दी गई एक दिन की मासूम नवजात इशिता को एक विदेशी दंपति ने गोद ले लिया। विदेशी दंपत्ति माईकल कोरी हैनकॉक और उसकी पत्नी एरिका गोद लेने की कानूनी औपचारिकताएं पूरा करने के बाद इशिता को अपने देश अमेरिका के मिसिसिपी जाने के लिए नीमच से गुरुवार शाम रवाना हो गये। एक दिन की इशिता कचरे के ढेर में खून से लथपथ हालत में पुलिस को मिली थी। पुलिस ने बेहद नाजुक हालत में उसे नीमच जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया और स्वस्थ्य होने के बाद उसे स्थानीय शिशु बालगृह में भेज दिया गया। उस वक्त से निमच के एक बालगृह में नन्हीं इशिता का लालन पालन हुआ।

आज से विदेशी हुई नन्हीं इशिता 

नीमच के शिशु बालगृह की संचालिका उषा गुप्ता ने बताया कि ‘डेढ साल पहले नीमच में एक कचरे के ढेर में खून से लथपथ एक दिन की इशिता को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसे पैदा होते ही उसकी मां ने इसे फेंक दिया था।’ उन्होंने कहा कि ‘अमेरिका के मिसिसिपी में रहने वाले अमेरिकी दंपत्ति माईकल और उनकी पत्नी एरिका आज नीमच आये और इशिता को गोद लेकर अपने साथ ले गये हैं। अपने देश जाने के लिए वे शाम ‌‌को नीमच से रवाना भी हो गये हैं।’

10 साल से बच्चे की ख्वाहिश 

नीमच से रवाना होने से पहले माईकल ने बताया कि वह एक एग्रीकल्चर कॉलेज में एकाउंटेंट है और उनकी शादी को 10 साल हो गये हैं, लेकिन उनका कोई बच्चा नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश (अमेरिका) की एक एजेंसी के माध्यम से पता चला की इंडिया के मध्य प्रदेश में नीमच स्थित शिशु बालगृह में यह बच्ची है, जिसका पता चलने पर हमने इसे गोद लेने की इच्छा जाहिर की और आखिरकार इशिता हमें मिल गयी। वहीं, एरिका ने बताया कि इशिता को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही उसे काफी खुश रखेंगे और हमें कानूनी तौर पर इशिता मिल गयी और हमने गोद लेने की सारी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं।

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