स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नीम

नीम पर्यावरण के लिए जितना उत्तम है, उतना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। शरीर से जुड़ी कई छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए इसके पत्तों से लेकर इसकी छाल का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि नीम के फायदे किस प्रकार स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं। इसके अलावा, औषधि के रूप में नीम का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।
नीम के फायदे

नीम एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल गुणों से भरपूर होता है। इसके अलावा, इसमें कई गुण मौजूद होते हैं, जो कई तरह की शारीरिक परेशानियों को कम कर सकते हैं। नीचे जानिए सेहत के लिए नीम के लाभ क्या-क्या हो सकते हैं।

एंटीबैक्टीरियल गुण

नीम और नीम के तेल में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं। नीम के तेल का यह गुण त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए कारगर हो सकता है। खुजली, रैशेज या त्वचा पर बैक्टीरियल संक्रमण की स्थिति में नीम के तेल का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह पर किया जा सकता है। ध्यान रहे कि जिनकी त्वचा ज्यादा संवेदनशील है, वो इस तेल का प्रयोग न करें।

रक्तचाप को नियंत्रित करता है
विशेषज्ञों के अनुसार, नीम के पत्तों का अर्क ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम कर सकता है। एक शोध में इस बात का पता चला है कि नीम के पत्तों का अर्क उच्च रक्तचाप को सामान्य करने का काम कर सकता है। फिलहाल, यह परीक्षण सिर्फ चूहों पर किया गया है, इंसानों पर इसके प्रभाव को जानने के लिए अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।
अल्सर के उपचार में नीम का उपयोग
एक शोध के अनुसार, नीम की छाल का अर्क गैस्ट्रिक हाइपरएसिडिटी और अल्सर पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। इसके अलावा, एनसीबीआई के एक शोध में नीम के एंटीअल्सर गुण का जिक्र किया गया है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि नीम के गुण अल्सर से निजात दिलाने में एक सहायक भूमिका निभा सकते हैं।
ओरल हेल्थ में नीम के फायदे

मुंह से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नीम कारगर हो सकता है। माना जाता है कि ऐसे सभी माउथ क्लीनर प्रोडक्ट, जिनमें नीम का अर्क मौजूद होता है, मुंह के स्वास्थ्य के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं। साथ ही नीम में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण दांतों में प्लाक को बढ़ाने वाले स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन जैसे बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर नीम की पत्तियां मुंह और दांत में सूजन की स्थिति को ठीक करने में मदद कर सकती हैं। साथ ही नीम के गुण मसूड़ों में ब्लीडिंग को रोकने में भी मदद कर सकते हैं।

मलेरिया के उपचार में नीम का उपयोग

मलेरिया के प्रभाव और इसके लक्षणों को कम करने में नीम के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, नीम की पत्तियां एंटीमलेरियल गुणों से भरपूर होती हैं, जो मलेरिया की दवा के रूप में काम कर सकती हैं और इस समस्या से उबरने में मदद कर सकती हैं।

पाचन क्रिया सुधारने में मददगार

नीम के पत्तों के अर्क में एंटीस्पास्मोडिक (पेट और आंत में ऐंठन कम करने वाले) गुण पाए जाते हैं। इस चमत्कारिक पेड़ में शरीर को डिटॉक्स (हानिकारक तत्व को बाहर) करने की क्षमता भी रहती है। साथ ही नीम पाचन क्रिया को सुधारने का काम भी कर सकता है।

लिवर को स्वस्थ रखने में नीम का प्रयोग

लिवर के लिए नीम लाभकारी हो सकता है। दरअसल, नीम की पत्तियों में हेप्टोप्रोटेक्टिव यानि लिवर को सुरक्षा देने वाला गुण मौजूद होता है। इसकी पत्तियां लिवर से जुड़ी बीमारियों पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकती हैं। इसके लिए डॉक्टरी परामर्श पर नीम की पत्तियों के रस का सेवन किया जा सकता है। एक अन्य रिसर्च के अनुसार, नीम के फूल में कीमो-प्रिवेंटिव प्रभाव होता है, जो लिवर कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है।

 

 

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