राजग एकजुट, चुनाव में मिलेगी अपार सफलता : प्रो. रणवीर नंदन

औरंगाबाद : बिहार विधान परिषद सदस्य एवं जनता दल (यूनाइटेड) के क्षेत्रीय प्रभारी प्रो. रणवीर नंदन ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एकजुट है।
प्रो. रणवीर नंदन ने औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्ष और सचिवों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में राजग के सभी घटक दल भाजपा, जदयू और लोजपा मजबूती से साथ काम कर रहे हैं और इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग को बड़ी सफलता प्राप्त होगी। विधान पार्षद ने हर कार्यकर्ता को जनता के साथ जुड़ने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा, ‘हमें लोगों से जुड़ना होगा। उन्हें सरकार के विकास कार्यों की जानकारी देनी होगी। साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण को ध्यान में रखकर जिस जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की है, उससे भी वाकिफ कराना होगा। हमें आम लोगों को जागरूक करने में बढ़-चढ़कर भाग लेना है।’ प्रो. नंदन ने कहा कि संगठन एक व्यवस्था के तहत चलती है, न कि किसी के आदेश के तहत। संगठन में सूचना के तहत कार्य होता है। उन्होंने बताया कि एक आदर्श संगठन वह होता है, जिसमें सभी कार्यकर्ताओं का बराबर का सम्मान और आदर किया जाता है। संगठन हमेशा सामूहिक हित के लिए होता है, व्यक्तिगत हित के लिए नहीं। ऐसा ही संगठन जदयू है, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत से खड़ा किया है।

जदयू के क्षेत्रीय प्रभारी ने ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पूरे विश्व के मौसम में बदलाव हो रहा है। इसका परिणाम बिहार में भी देखा जा सकता है। हर साल बिहार में पांच डिग्री तापमान बढ़ रहा है। साथ ही साथ बारिश अनियमित हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2100 तक बिजली गिरने की रफ्तार 50 फीसदी तक बढ़ जाएगी। प्रत्येक वर्ष समुद्र के जल स्तर में 1.2 मिली मीटर की बढ़ोतरी हो रही है, जिसकी वजह से समुद्र के किनारे बसने वाले शहरों के डूबने और सुनामी आने का बहुत बड़ा खतरा रहता है। वर्ष 2080 तक भारत में औसत वार्षिक तापमान में 3.5-5.5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने अनुमान है। बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की 90 फीसदी आबादी प्राथमिक आजीविका के लिए कृषि पर पर निर्भर रहती है। इसलिए, बिहार के संदर्भ में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती हैं। प्रो. नंदन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर बिहार के वार्षिक औसत वृष्टिपात पर भी पड़ा है। पिछले 30 वर्षों में बिहार की औसत वृष्टिपात 1027 मिलीमीटर से घटकर 900 मिलीमीटर रह गया है। उन्होंने कहा कि बेगूसराय स्थित एशिया के सबसे बड़े मीठे पानी की झील कांवर का जल क्षेत्र वर्ष 1984 में 16769 एकड़ था, जो वर्ष 2012 में घटकर 5021 एकड़ रह गया है। समस्तीपुर का प्रसिद्ध देवखाल चौर के जल क्षेत्र की बात करें तो वर्ष 2003 में 596 एकड़ था, जो वर्ष 2010 में 232 एकड़ और वर्ष 2019 में 143 एकड़ में सिमट गया है। बिहार में पारंपरिक जल संचयन के स्त्रोतों में चिंताजनक कमी आई है। जदयू नेता ने कहा कि गर्मी, सुखाड़ और बाढ़ से सब परेशान हैं। इन सभी प्राकृतिक आपदाओं को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ चलाया है। इस अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अगले तीन वर्षों में 24524 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है। वित्त वर्ष 2019-20 में 5870 करोड़ रुपये, 2020-21 में 9874 करोड़ रुपये और वर्ष 2021-22 में 8780 करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च किए जायेंगे। प्रो. नंदन ने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुख्यमंत्री ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए जितने काम किए हैं, हमें उससे सीख लेकर उन्हें आगे बढ़ाना है। सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में से 4-5 योजना को ही लेकर जाएंगे और मतदाताओं को बताएंगे, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवारों को जीतने से कोई नहीं रोक सकता।

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