किस उम्र में कौन-सा फूड खाना चाहिए? क्या आप जानते हैं?

कोलकाता : हर साल 1 सितंबर से लेकर 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। पोषण हमारे शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि, यही तत्व हमारी ऊर्जा, मांसपेशी, अंगों की कार्यक्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्त्रोत होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस उम्र में कौन-से फूड खाने चाहिए। ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे। क्योंकि, हर उम्र की अपनी चुनौतियां और जरूरतें होती हैं, जिसके लिए निश्चित पोषक तत्वों की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि किस उम्र में आपको कौन-से न्यूट्रिशन से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए।
किस उम्र में कौन-से न्यूट्रिशन से भरपूर फूड्स खाएं?
बच्चों के लिए फूड
एक्सपर्ट का कहना है कि बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास काफी तेजी से हो रहा होता है और उन्हें काफी एनर्जी की जरूरत भी होती है। इसलिए उन्हें दिमागी विकास के लिए प्रोटीन व एसेंशियल फैटी एसिड के साथ कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक से भरपूर फूड्स का सेवन करवाना चाहिए। बच्चे पौष्टिक आहार खाने में आनाकानी करते हैं। इसलिए उन्हें सैंडविच, रोल्स आदि में पोषण से भरपूर फूड्स को देना एक बेहतरीन आइडिया हो सकता है।
20 से 40 साल की उम्र के लोगों के लिए फूड
एक्सपर्ट का कहना है कि 20 से 40 साल के लोगों को भविष्य के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फूड्स का सेवन करना चाहिए। महिलाओं को पुरुषों से अधिक आयरन की जरूरत होती है। उन्हें प्रोटीन, फैटी एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और फोलिक एसिड की जरूरत होती है। वहीं, पुरुषों को अधिक एनर्जी की जरूरत होती है।
40 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए फूड
इस उम्र के लोगों के लिए मेटाबॉलिक चेंज होने के कारण पोषण की जरूरत बदल जाती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इस समय हेल्दी फैट्स पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ पाचन स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने के लिए डायट में फाइटोन्यूट्रिएंट्स, एंटीऑक्सीडेंट्स वाले फूड्स को भी शामिल करना चाहिए. वहीं, ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज से बचाव के लिए बैलेंस्ड डायट लेनी चाहिए, जिसमें नट्स, एवोकाडो, पालक और बैरीज का सेवन मुख्य है।
60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए फूड्स
एक्सपर्ट का कहना है कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। वह खाने व पचाने में काफी समस्या झेलने लगते हैं। इस दौरान सभी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है और प्रोटीन की कमी के कारण मसल्स लॉस व फ्रैक्चर का खतरा हो सकता है। इसलिए विटामिन डी, कैल्शियम और प्रोटीन पर ध्यान देना चाहिए. जिसके लिए सूप, डाल, सब्जी आदि का सेवन कर सकते हैं।

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