नायडू ने कहा- भारी मन से स्वीकार किया उपराष्ट्रपति पद

चेन्नई : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने की उपलक्ष्य में एक किताब लिखी गई है जिसका विमोचन करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह रविवार को चेन्नई पहुंचे ‌थे। इस मौके पर नायडू ने कहा कि वह राजनीति में नहीं हैं लेकिन अभी भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय है। साथ उन्होंने उपराष्ट्रपति पद को भारी मन से स्वीकार करने की बात को भी सार्वजनिक किया।

आंखे भर आई थी

नायडू ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह उपराष्ट्रपति बनेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद का दायित्व संभाला था तो उनकी आंखों में आंसू थे क्योंकि इस पद पर रहने के बाद वह भारतीय जनता पार्टी कार्यालय नहीं जा सकते थे। उन्होंने कहा, “मुझे मंत्री पद छोड़ने का दुख नहीं था लेकिन जब मुझे उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना गया उस वक्त मैंने भारी मन से भाजपा कार्यालय को छोड़ा।”

पार्टी के कई पदों को संभाला

उपराष्ट्रपति ने कहा “मैं एक आम नागरिक था और भाजपा ने मुझे शहरी तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्री और सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय का जिम्मा दिया। इसके बाद उपराष्ट्रपति पद का दायित्व सौंपा।”बता दें कि भाजपा ने इससे पहले उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता भी नियुक्त किया था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने पर फैसला कल

कोलकाता: पिछले करीब साढ़े 6 महीनों से शिक्षण संस्थान बंद हैं, दोबारा काॅलेज - और यूनिवर्सिटी कब से खुल सकते हैं, इस पर चर्चा के आगे पढ़ें »

केंद्र ने ममता सरकार के सीधी अदायगी का प्रस्ताव ठुकराया

कोलकाता : केंद्र सरकार ने बंगाल के पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत सीधे अदायगी न करने के बंगाल के अनुरोध को खारिज कर दिया है। आगे पढ़ें »

ऊपर