नवरात्र में जरूर करें ये 5 काम, सदैव बनी रहेगी मां दुर्गा की कृपा

कोलकाता : देशभर में नवरात्र की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। जैसे-जैसे शारदीय नवरात्र का प्रथम दिन निकट आ रहा है मंदिर और घरों को सजाने का काम तेज हो गया है। लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं जिन्हें करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद सदैव अपने भक्तों पर बना रहता है। बता दें कि इस वर्ष शारदीय नवरात्र का प्रारम्भ 26 सितम्बर 2022 से हो रहा है। ऐसे में इन उपायों को करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं नवरात्र में किन कार्यों को करने से आती है जीवन में खुशहाली।
स्थापित करें अखंड ज्योति
नवरात्र पर्व के पूरे नौ दिन घर में अखंड ज्योति स्थापित करने से मां दुर्गा की विशेष प्राप्त होती है। नवरात्र पर्व के पहले दिन मिट्टी अथवा अखंड ज्योति के लिए विशेष रूप से बने खांचे में नौ दिनों तक दीपक जलाना चाहिए। केवल इस बात का ध्यान रखें कि वह दीपक नौ दिनों तक बुझना नहीं चाहिए। प्रथम दिन दीपक प्रज्वलित करने के बाद अपनी मनोकामना मां दुर्गा से कहें।
माता को अर्पित करें ये चीजें
नवरात्र में देवी दुर्गा को सिंदूर, लाल वस्त्र, 16 श्रृंगार आदि अर्पित करने से मां अत्यधिक प्रसन्न होती हैं और भक्तों के सभी दुःख हर लेती हैं। इसके साथ यह उपाय भी बताया गया है कि नवरात्र पर्व के बीच चुनरी में पांच सूखे मेवे माता को अर्पित करने से भी भक्तों पर विशेष कृपा बरसती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
नितदिन करें बजरंगबली की पूजा
नवरात्र में नौ दिनों तक नितदिन हनुमान जी कि पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से भक्तों के सभी दुःख व अड़चने दूर हो जाती हैं और घर में सदैव शुभ समाचार प्राप्त होते हैं। ऐसा करने के लिए पान के पत्ते पर लौंग और बताशा रखकर बजरंगबली को श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
करें मंत्रों का जाप
नवरात्र पर्व मां दुर्गा को समर्पित है। इसलिए शास्त्रों में कुछ ऐसे विशेष मंत्र बताए गए हैं जिनके शुद्ध उच्चारण से व्यक्ति माता को प्रसन्न कर सकता है। इन नौ दिनों में नितदिन 108 बार ‘ॐ दुर्गाये नम:’ का जाप करें और ‘ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते ।।’ का जाप करने से भी भक्तों पर माता की विशेष कृपा बनी रहती है।
घर के मुख्य द्वार पर बनाएं स्वस्तिक चिन्ह
हिन्दू धर्म में स्वस्तिक चिन्ह को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए देवी दुर्गा के आगमन के लिए घर के मुख्य द्वार पर इस चिन्ह को बनाने से भक्तों को विशेष लाभ होता है और मान्यता है कि इससे घर में देवताओं का आगमन निरंतर होता रहता है।

 

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