ऐसे लोगों की प्रार्थना कभी स्‍वीकार नहीं करते प्रभु, कहीं आप भी तो…

कोलकाताः यहूदी गुरु रबी बार्डिक्टेव हर व्यक्ति की समस्या का समाधान करते और उन्हें सुख-शांति के उपाय बताते। एक बार उनके पास एक व्यक्ति आया और बोला, ‘महाराज, मैं एक गरीब गाड़ीवान हूं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने से जो आय होती है, उससे गुजारा करता हूं। मेरा सारा दिन काम में ही बीत जाता है। यदि मैं प्रार्थना के लिए वक्त निकालूं तो मेरी सवारी हाथ से निकल जाए। मैं प्रभु के लिए वक्त नहीं निकाल पाता। ऐसे में मेरा कल्याण कैसे होगा?’
गरीब गाड़ीवान की बात सुनकर गुरु बार्डिक्टेव बोले, ‘क्या तुम अपनी गाड़ी से ऐसे लोगों को भी पहुंचाते हो, जो अक्षम या दिव्यांग हैं, या तुम्हारा किराया नहीं दे सकते?’ गाड़ीवान बोला, ‘हां महाराज, मैं ऐसे लोगों से किराया नहीं लेता। इसके अलावा मैं अपनी कमाई के कुछ हिस्से से बेजुबान पशु-पक्षियों को चारा भी खिलाता हूं।’ गाड़ीवान की बात सुनकर गुरु बार्डिक्टेव बोले, ‘तुम्हारे मन में दिव्यांगों, असहायों, गरीबों और बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए दया है। यह भावना किसी प्रार्थना से कम नहीं है। प्रार्थना का मकसद अपने जीवन को सार्थक करना है।
गुरु बार्डिक्टेव ने आगे कहा, ऐसे लोग जो झूठ बोलते हैं, बेईमानी करते हैं, दुराचारी हैं, वे चाहे पूरा दिन प्रभु का स्मरण करते रहें, फिर भी प्रभु ऐसे दुराचारी लोगों की प्रार्थना स्वीकार नहीं करते। वे ऐसे लोगों की प्रार्थना स्वीकार करते हैं, जो मन, वचन और कर्म से नेक होते हैं, मानवीय गुणों की रक्षा करते हैं। इसलिए तुम चिंतामुक्त होकर ऐसे ही अपने कार्य में लगे रहो जैसे अभी लगे हुए हो। तुम्हारा कल्याण अपने आप हो जाएगा। तुम्हें प्रार्थना न कर पाने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।’ गुरु बार्डिक्टेव की बातें सुनकर वह व्यक्ति संतुष्ट होकर प्रसन्न मन से अपने काम पर निकल गया।

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्सहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

दिलीप और कुणाल को एक में जोड़ा बाबुल ने, कहा…

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : प्रदेश नेतृत्व के साथ मतभेद की बात खुद ही बाबुल सुप्रियो ने कही। निर्दिष्ट कर किसी का नाम उन्होंने भले ही नहीं आगे पढ़ें »

ऊपर