भाई के खिलाफ कार्रवाई से भड़कीं मायावती, भाजपा पर लगाया षडयंत्र का आरोप

BSP supremo Mayawati

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खिलाफ गुरुवार को आयकर विभाग द्वारा कार्रवाई की गई जिसमें उनकी 7 एकड़ की जमीन को जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई से मायावती भड़क गई हैं। उन्होंने इसे साजिश करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर षड़यंत्र करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि अगर भाजपा नेता इतने ही सच्चे और ईमानदार हैं तो खुद की संपत्तियों की भी जांच कराएं, तब सच सामने आएगा। मालूम हो कि आनंद कुमार की जब्त की गई जमीन की कीमत 400 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर साधा निशाना

मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों के पास दफ्तर बनाने के लिए अरबों रुपए कहां से आते हैं? चुनाव के दौरान 2000 करोड़ से ज्यादा रुपये भाजपा के खाते में कैसे आए? अब तक इसका खुलासा नहीं हुआ। इसकी भी जांच होनी चाहिए। मालूम हो कि 400 करोड़ की इस संपत्ति का मालिकाना हक आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्रलता के पास है। कुछ समय पहले ही आनंद को बसपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

पिछड़ी जातियों का विकास नहीं देखना चाहती भाजपा

बसपा सुप्रीमो ने भाजपा की सोच को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि ये लोग दलितों और अन्य पिछड़ी जातियों का विकास नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि भाजपा और संघ के लोग जातिवादी मानसिकता से ग्रसित हैं। शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में दलितों के लिए समस्याएं खड़ी करने के लिए कई तरह के रास्ते निकाले जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग चाहे जितना भी प्रयास कर लें हमारी पार्टी दलित और पिछड़े लोगों के विकास का काम करती रहेगी।

विपक्षियों को झूठे आरोपों में फंसाने का आरोप

गुरुवार रात ट्वीट कर मायावती ने भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जान-बूझकर भाजपा अपने विपक्षियों को झूठे आरोपों में फंसा रही है। उन्होंने कहा कि अब तो इन लोगों ने मेरे भाई-बहनों तक को निशाने पर ले लिया है। उन्होंने बताया इससे पहले भी साल 2003 में भाजपा ने आयकर और सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के जरिए हमारे खिलाफ साजिश की थी। हमें संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला।

अवैध तरीके से करीबियों के नाम की थी संपत्ति

आनंद कुमार पर आरोप था कि उन्होंने इस संपत्ति को अवैध तरीके से अपने किसी करीबी के नाम के नाम कर रखा था। अधिकारी ने बताया कि 16 जुलाई को दिल्ली की बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) से इस प्लॉट को जब्त करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि दो साल तक चली जांच पड़ताल के बाद आनंद के खिलाफ पक्के सबूत मिले हैं और बेनामी संपत्ति के मामले में उनको नोटिस भी भेजा जा चुका है।

गौरतलब है कि आनंद कुमार पहले नोएडा प्राधिकरण में बतौर र्क्लक काम किया करते थे। बहन मायावती के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से आनंद की संपत्ति में काफी इजाफा हुआ। वर्ष 2007 में मायावती सरकार में आनंद ने 49 कंपनियां खोलीं जिसको लेकर उनके उपर फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए कर्ज लेने का आरोप भी लगा है।

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