…वास्तु के अनुसार ऐसे बनाएं घर का बगीचा

कोलकाता/दिल्ली : वास्तु शास्त्र के अनुसार हर एक चीज के रख-रखाव की एक दिशा निर्धारित होती है, घर का गार्डन यानी बगीचा भी वास्तु के अनुसार होना चाहिए। वास्तु नियमों के आधार पर निर्मित बगीचे से न सिर्फ अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है बल्कि जीवन में आर्थिक समृद्धि भी आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर पर पेड़ पौधे लगाने से पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है। पेड़ लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है वास्तु के अनुसार हर एक चीज के रख-रखाव की एक दिशा निर्धारित होती है, घर का गार्डन यानी बगीचा भी वास्तु के अनुसार होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में बनाए गए बगीचे का वास्तु भी व्यक्ति के जीवन को उसी तरह प्रभावित करता है जिस प्रकार कमरे के वास्तु का जीवन पर प्रभाव पड़ता है। वास्तु नियमों के आधार पर निर्मित बगीचे से न सिर्फ अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है बल्कि जीवन में आर्थिक समृद्धि भी आती है।

वास्तु के अनुसार घर में बगीचा बनाने के लिए उतर और पूर्व की दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। दक्षिण और पश्चिम दिशाएं गार्डन के निर्माण के लिए सर्वोत्तम नहीं है, लेकिन यदि आपके पास कोई और विकल्प नहीं है तो गमलों में पौधे लगाए जा सकते हैं। उत्तर दिशा में बना बगीचा करियर के लिए नए अवसर और समृद्धि प्रदान करता है। उत्तर दिशा में गार्डन में यदि तुलसी का पौधा लगाएं तो बेहद शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में बने गार्डन में छोटे-छोटे पौधे लगाने चाहिए जो कांटेदार ना हों। इस दिशा में बने गार्डन यानी बगीचे में कैक्टस का पौधा बिल्कुल भी नहीं लगाएं। अगर वॉटर फाउंटेन पसंद है तो उत्तर दिशा में लगा सकते हैं। यदि बगीचे में आप फलदार पौधे लगाना चाहते हैं तो उन्हें पूर्व दिशा में लगाएं। पूर्व दिशा फलदार पौधों के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। इसके अलावा छोटे पौधों को गमले में लगा सकते हैं। लाल या गुलाबी रंग के गमलों को घर की दक्षिण पूर्व दिशा में या दक्षिण पश्चिम दिशा में लगा सकते हैं। पूर्व दिशा में भी उत्तर की तरह बड़े पौधे ना लगाएं। पश्चिम और दक्षिण दिशा में बड़े पेड़ लगाना आवश्यक है, लेकिन ये बड़े पेड़ घर की दीवारों के बिल्कुल करीब न हों। घर पश्चिम और दक्षिणमुखी होने की दशा में मुख्य द्वार की ओर बड़े-बड़े पेड़-पौधों समेत लताओं वाले पौधे लगाए जा सकते हैं।

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