कल मकर संक्रांति : राहु और शनि दोष से बचने के लिए करें इन चीजों का दान

नई दिल्ली : ग्रहों के राजा सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति कहते हैं। इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। काला तिल, उड़द, घी, गुड़, चावल, खिचड़ी और कम्बल आदि चीजें प्रमुख रूप से दान की जाती हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किए गए दान का फल अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक मिलता है। दान अपने साथ हमारे जीवन मे सुख समृद्धि लाता है। बस इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दान सेवा भाव के साथ किया जाए, दिखावे के लिए किए गए दान का कोई पुण्य नहीं मिलता है।
तिल, उड़द और चमड़े के दान से शनि दोष होता है दूर
मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि शनि देव ने मकर संक्रांति के दिन अपने पिता सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए काले तिल से पूजा की थी। पिता – पुत्र में अनबन चल रही हो तो मकर संक्रांति पर सूर्य देव को तिल अर्पित करने से आपस के सम्बंध मधुर होते हैं। कला तिल, उड़द और चमड़े के जूते दान में देने से शनि दोष दूर होता है।
गुड़ और घी का दान गुरु दोष से बचाता है
इस बार मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को पड़ रहा है इसलिए गुड़ और घी के दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। गुड़ और घी के दान से बृहस्पति ग्रह के दोष दूर होते हैं। वहीं इस दिन चावल के दान का भी विशेष महत्व है। चावल के दान से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए इनका दान करना चाहिए।
राहु- केतु के प्रकोप से बचाता है कम्बल दान
मकर संक्रांति पर कम्बल का दान बेहद शुभ माना जाता है। किसी जरूरतमंद को दिया गया काला और सफेद कम्बल का दान राहु-केतु के प्रकोप से बचाता है। इस दिन अधिक से अधिक लोगों को कम्बल का दान करना चाहिए।
पुराना सामान दान देने से बचें, ये खराब ग्रहों के द्योतक
मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन पुराने कपड़ों, स्टील के बर्तन, लोहा और प्लास्टिक का दान नहीं करना चाहिए। यह खराब ग्रहों के घोतक हैं। किसी जरूरतमंद को नए कपड़े देना ही शुभ माना जाता है। नए कपड़े ही दान में देना चाहिए, ये करना शुभ होता है।

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