गर्मी में ऐसे करें खुद की देखभाल

कोलकाता :  गर्मी के कारण त्वचा सम्बन्धी अनेक समस्याएं तथा बीमारियां भी हो जाती हैं, इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि पहले से ही सावधानी बरती जाये ताकि इन समस्याओं का सामना न करना पड़े और सौन्दर्य भी बरकरार रहे।
त्वचा को हानि पहुंचाने में धूप का सबसे बड़ा हाथ होता है। धूप के कारण त्वचा सांवली, कुम्हलाई और झुर्रीदार-सी प्रतीत होती है। अधिक देर तक धूप में रहने पर त्वचा पर लाल-लाल चकत्ते भी हो जाते हैं, अत: जहां तक हो सके, दोपहर की तीखी धूप से अपने को बचाना चाहिए।
गर्मी में धूप से बचने के लिए बेहतर तो यही होता है कि दिन में 11 बजे से 3 बजे तक कहीं बाहर निकला ही न जाये। अगर किसी कारण से निकलने की मजबूरी ही हो तो छाता लेकर और आंखों पर काला चश्मा लगाकर ही निकलना चाहिए। धूप में निकलने से पहले अपने चेहरे पर ‘सनस्क्रीन क्रीम’ या ‘कैलामाइन लोशन’ का इस्तेमाल अवश्य ही कर लेना चाहिए।
गर्मी के मौसम में अधिक मेकअप न करें क्योंकि धूप से मेकअप के पसीने के साथ बहने की संभावना बनी रहती है। इससे चेहरा भद्दा दिखाई देता है। लिपस्टिक व नेलपालिश नेचुरल कलर का ही प्रयोग करें। अधिक तेज रंगों वाली लिपस्टिक व नेलपालिश लगाने से भी अनेक हानियां हो सकती हैं।
इस मौसम में बालों को खुला कतई न रखें। खुले बाल हवा के झोंके से उड़कर बार-बार आपके चेहरे को ढक लेते हैं, इसलिए अपने चेहरे के अनुरूप जूड़ा या चोटी इस तरह बनाकर रखिए ताकि वे गर्दन की सुन्दरता को बनाये रखें।
इस मौसम में आंखों का विशेष ध्यान रखना होता है। शरीर का सबसे नाजुक अंग आंखें ही होती हैं। धूप के तीव्र प्रभाव के कारण आंखों में जलन होने लगती है तथा आंखें लाल-लाल हो जाती हैं जिन्हें आंखों का आना कहा जाता है। इसके लिए यह आवश्यक है कि धूप से आने के बाद आंखों पर ठंडे जल के छींटे मारें।
खीरे के टुकड़े को गोल-गोल काटकर आंखों पर रखने से भी आंखों की जलन मिटती है और उन्हें शीतलता प्रदान होती है। धूप से आने के बाद चेहरे पर भी जलन होती है। इसके लिए कच्चे दूध का प्रयोग करें। रूई के फाहे में दूध को लपेटकर चेहरे, गर्दन और हाथों पर अच्छी तरह से लगाकर उसे धो लें।
आंखों की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे का प्रयोग आवश्यक है। चश्मा पहनने से आंखों को जलन से बचाया जा सकता है। हां, इतना ध्यान अवश्य रखें कि फुटपाथी चश्मा न पहनें क्योंकि वे प्लास्टिक के बने होते हैं तथा आंखों को सुरक्षा प्रदान करने के बजाय और गर्म कर डालते हैं। आंखों को ठंडे जल से धोकर गुलाबजल की एक बूंद डाल लेने से आंखों की जलन समाप्त हो जाती है।
गर्मी के मौसम में तेज गंध वाली परफ्यूम के बजाय फूलों की भीनी सुगंध वाले इत्र का ही प्रयोग करें। दिन के समय परफ्यूम का प्रयोग केवल कानों के पीछे, गले के बीच व कुहनियों के अंदरूनी भाग में ही करें। इत्र का प्रयोग बगलों में न करें क्योंकि गर्मी में ताजगी के बजाय दुर्गन्ध ही पैदा होगी।
इस मौसम में खान-पान पर भी ध्यान देना होता है। अधिक खाने या देर से पचने वाला भोजन करने से उल्टी, दस्त या पेट फूलने की शिकायतें हो सकती हैं। इससे आप कमजोर होकर अपनी सुन्दरता खो सकते हैं। अपने भोजन में ताजे फल एवं हरी सब्जियों को अवश्य ही शामिल करें।
तली-भुनी चीजें, चाय-कॉफी आदि का प्रयोग कम करें। छाछ, लस्सी, फलों के जूस, नींबू पानी, शिकंजी, आमपन्ना, शर्बत, पुदीना आदि का प्रयोग बहुत फायदेमंद रहता है। पीने वाले पानी में एक बूंद पुदीन हरा या नाम मात्र का कपूर मिला देने से अधिक प्यास तथा ‘लू’ के प्रकोप से बचा जा सकता है। धूप में बाहर जाते समय एक छोटा प्याज अपने साथ रख लेने से लू नहीं लगती।
इस मौसम में धूप से आने के बाद तुरन्त पानी पीने से जुकाम, खांसी व बुखार तक हो सकता है। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद ही पानी पीना चाहिए। प्रतिदिन 10-12 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। शरीर में पानी की कमी होने से ‘डिहाइड्रेशन’ की शिकायत हो जाती है।
गरमी में हल्के रंगों के वस्त्रों का ही चुनाव करना चाहिए। इस मौसम में भारी जरी-गोटे के काम वाले कपड़े आंखों को चुभते हैं। ढीले-ढाले सूती सूट या सूती साड़ियां आंखों को शीतलता प्रदान करती हैं। अधिक तंग या चुस्त ब्रा भी नहीं पहननी चाहिए।
इस मौसम में शरीर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रतिदिन दो बार स्नान करें। रात में सोते समय स्नान करने से नींद अच्छी आती है तथा पसीना युक्त गंध भी दूर हो जाती है। डिओडोरेंट साबुन के इस्तेमाल से पसीने की बदबू मिट जाती है। गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में डालकर उस पानी से स्नान करने पर भी बदबू भाग जाती है।
चेहरे पर सप्ताह में तीन दिन उबटन जरूर लगायें। गर्दन की सफाई पर भी ध्यान अवश्य दें। इन दिनों घमौरियां भी काफी परेशान करती हैं। इसके लिए टेलकम पाउडर का इस्तेमाल अवश्य करें।
गरम हवाएं सिर्फ त्वचा की ही नहीं बल्कि बालों की भी शत्रु होती हैं अत: पसीने की वजह से बालों में भी चिपचिपाहट बनी रहती है अत: सप्ताह में कम से कम तीन बार बालों को अवश्य धोइये। इन उपायों से आप गर्मी में भी सौन्दर्य को बनाये रख सकती हैं। 

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