अपने दिल को ऐसे रखें फिट

– अगर आप हेल्दी हैं और आगे भी हेल्दी रहना चाहते हैं तो प्रात: 5 से 7 बार सूर्य नमस्कार करें।
– स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज सिर से पैर तक करें। कुछ आसन भी करें जैसे पादहस्तासन, त्रिकोणासन, शशांकासन, भुजंग आसन,शलभासन,वक्रासनआदि। ये सब दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
– कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले 5 मिनट तक वार्मअप एक्सरसाइज अवश्य करें जिसमें हाथ पांवों को हिलाना, स्टेशनरी व हल्की हल्की जंपिंग हो। जब भी व्यायाम समाप्त करें तो 5 मिनट तक शरीर को बैठकर या लेट कर पूरा आराम दें।
– दिल की बीमारी से बचने के लिए रोजाना कम से कम आधा घंटा कार्डियो एक्सरसाइज करें। इससे शरीर में चुस्ती आती है, वजन कम होता है,ब्लड प्रेशर ठीक रहता है,मधुमेह का खतरा कम रहता है और दिल तो स्वस्थ रहता ही है। कार्डियो व्यायाम में तेज वाक, जपिंग, साइकिलिंग, जाॅगिंग, डांस, तैराकी, एरोबिक्स भी कर सकते हैं।
जिनके घुटनों में परेशानी हो, उन्हें जागिंग और ब्रिस्क वाक नहीं करनी चाहिए। खाली पेट व्यायाम करें। सैर पर भी खाली पेट जाएं। अगर आप लगातार आधा घंटा व्यायाम और सैर को नहीं दे सकते तो सुबह शाम दो बार 15-15 मिनट तक सैर कर सकते हैं।
अगर हैं दिल के मरीज  
– जो भी व्यायाम करें, डाक्टर के परामर्शानुसार ही करें। डाक्टर मरीज के स्ट्रेस लेवल सहन करने के अनुसार व्यायाम बताएगा।
– सैर प्रतिदिन करें पर स्पीड अधिक न रखें। उतनी ही रखें जितनी आप बर्दाश्त कर सकते हैं। जब सांस फूलने लगे तो आराम कर लें।
– वजन उठाने वाले व्यायाम न करें।
– दिल के रोगी को खाने के बाद नहीं चलना चाहिए।
अपनाएं एक्टिव लाइफ स्टाइल
– पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग अधिक करें। निजी वाहन का प्रयोग कम से कम करें।
– लिफ्ट का प्रयोग न कर सीढ़ियां प्रयोग में लाएं।
– पैदल अधिक चलें,व्यायाम नियमित करें।
– फास्ट फूड,सोडा ड्रिंक्स, मैदे के खाद्य पदार्थों , जंक फूड का सेवन कम से कम करें।
– स्मोकिंग छोड़ दें। स्मोकिंग करने वालों की दिल की आर्टरीज में दरारें पड़ जाती हैं जो कभी भी ब्लाक होने का कारण बन सकती हैं। जो लोग नियमित स्मोक करते हैं उनको दिल की बीमारी का खतरा 30-50 फीसदी ज्यादा होता है।
– हर समय तनाव में रहने से बचें।
– अपने लिए पानी वाटर कूलर से स्वयं लेने जाएं।
– अपने छोटे छोटे काम स्वयं करें ताकि शरीर चुस्त बना रहे।
– थोड़ा बहुत तनाव तो सभी को होता है पर जब तनाव सेहत पर हावी होने लगे तो चिंता का विषय बन जाता है और अच्छी भली सेहत का भी सत्यानाश कर देता है। ऐसे में लम्बे गहरे सांसों का अभ्यास प्रात: नियमित करें। अनुलोम विलोम का अभ्यास भी करें।
– सुबह शाम या एक वक्त अलग कमरे में बैठकर ध्यान लगाएं,मंत्र उच्चारण करें,आंखें बंद कर स्वयं को टटोलें। अपनी सांसों पर बंद आंखों से ध्यान दें।
– शवासन या शिथिल आसन में थकान महसूस होने के बाद आराम करें। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है। शवासन में बंद आंखों से अपने अंगों को निहारें।
– बच्चों और पालतू जानवरों के साथ खेलें ।
– अपने शौक को पूरा करने का प्रयास करें जैसे पेंटिग,म्यूजिक सुनना, लिखना, पढ़ना, घूमना, फोटोग्राफी आदि करना।
खानपान पर रखें ध्यान
– फैट फ्री दूध या सोया दूध का प्रयोग करें।
– सरसों का तेल और आलिव आॅयल का प्रयोग अधिक करें। दिन भर में तीन चम्मच तेल लें। तेल बदल बदल कर प्रयोग करें। सरसों और आलिव आयल में कोलेस्ट्राल कम होता है। ध्यान दें इन तेलों को अधिक गर्म न करें।
– फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ लें जैसे स्प्राउट्स, दलिया, ओट्स, ईसबगोल, गेहूं, बाजरा, जई आदि। गेहूं,बाजरा का आटा मिलाकर रोटी बनाएं। अगर गेहूं की रोटी खा रहे हैं तो उसमें चोकर मिक्स कर लें।
– बींस,बादाम,अखरोट,फ्लैक्स सीड्स, काडलिवर आयल का सेवन करें।
– घी ,मक्खन,मलाई,चाकलेट,मटन में पाया जाने वाला फैट किसी भी तापमान पर जम जाता है जो नुकसानदेह है। लिक्विड फैट जैसे सरसों का तेल,आलिव आयल यह जमते नहीं । खाने में इनका प्रयोग करें।
– हरी सब्जियों के अतिरिक्त मौसमी फल भी लें।
– कोलेस्ट्राल कम करने हेतु आंवला जूस, एलोवेरा जूस और ताजा सब्जियों का जूस पीयें। इससे लिवर ठीक काम करता है।

क्या न खाएं

– खोया,पनीर,फुल क्रीम दूध न लें।
– मक्खन,घी,मलाई,मेयोनिज का सेवन न करें।
– मैदे वाले खाद्य पदार्थ व बेकरी प्राॅडक्ट्स का सेवन कम से कम करें।
– बैड कोलेस्ट्राल अधिक होने पर चीनी व चावल भी बहुत कम खाएं।
– उड़द दाल,नमक और काफी का सेवन भी बहुत सीमित करें।

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