सोने से पहले कर लें सिर्फ इन 3 मंत्रों का जाप, अगले दिन पूरी तरह बदल जाएगी किस्मत

नई दिल्ली : शास्त्रों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का भी उल्लेख किया गया है। कुछ शक्तिशाली मंत्र ऐसे हैं जिसके जाप से धन से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का समाधान मिलता है। ये मंत्र ऐसे हैं कि जिनका सुबह या रात को सोने से पहले जाप किया जाए तो इसका असर दिखने लगता है। ऐसे में जानते हैं इन मंत्रों के बारे में…
कनकधरा स्तोत्र
शंकराचार्य ने कनकधरा स्तोत्र का रचना गरीबों के कल्याण के लिए की। मान्यता है कि इस स्तोत्र का सुबह या रात को सोने से पहले पाठ करने पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही धन से जुड़ी हर समस्या का निदान होता है। कनकधरा स्तोत्र के कुछ अंश हैं- “अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम। अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।। मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि। माला दृशोर्मधुकर विमहोत्पले या सा मै श्रियं दिशतु सागर सम्भवाया:।।2।।
श्रीसूक्त
धन की समस्या को दूर करने के लिए मां लक्ष्मी का श्रीसूक्त भी लाभकारी साबित होता है। श्रीसूक्त का उल्लेख ऋगवेद में भी किया गया है। श्रीसूक्त के कुछ श्लोक इस प्रकार हैं- ॐ हिरण्य-वर्णां हरिणीं, सुवर्ण-रजत-स्त्रजाम्। चन्द्रां हिरण्यमयीं लक्ष्मीं, जातवेदो म आवह।। तां म आवह जात-वेदो, लक्ष्मीमनप-गामिनीम्। यस्यां हिरण्यं विन्देयं, गामश्वं पुरूषानहम्।। अश्वपूर्वां रथ-मध्यां, हस्ति-नाद-प्रमोदिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये, श्रीर्मा देवी जुषताम्।।
कुबेर मंत्र
कुबेर को धन की देवी मां लक्ष्मी का कोषाध्यक्ष माना जाता है। धन से संबंधित परेशानियों को दूर करने के लिए कुबेर के मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत लाभकारी है। कुबेर को प्रसन्न करने के लिए ‘यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये। धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापाय स्वाहा।।’ इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

पानीहाटी में तृणमूल कार्यालय पर बमबारी

पानीहाटी : खड़दह थाना अंतर्गत पानीहाटी के एंजेल नगर इलाके में कुछ समाज विरोधियों ने पहले बमबारी की। इसके बाद बीटी रोड मातारंगी भवन नामक आगे पढ़ें »

ऊपर